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प्रदेश में तेज ठंड का दौर जारी, पारा बढ़ने से लोगों को मिली हल्की सी राहत, 25 से फिर कड़ाके की ठंड का संकेत

तापमान

भोपाल। पिछले डेढ़ सप्ताह से शीतलहर के कारण पड़ रही कड़ाके की ठंड से बुधवार को कुछ राहत मिली है। सोमवार मंगलवार की रात में प्रदेश के कई शहरों में रात के पारा में गिरावट दर्ज की गई। हिल स्टेशन पचमढी में पारा 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि भोपाल में 4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड से लोगों को अगले 4 से 5 दिन तक थोड़ी राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने बुधवार से दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी होने का अनुमान जताया है। हालांकि, कुछ जिलों में कोहरे का असर रह सकता है। बुधवार सुबह ग्वालियर-चंबल में कोहरा छाया रहा। मौसम वैज्ञानिक बीएस यादव ने बताया, शीतलहर और कोल्ड डे यानी, ठंडे दिन की कंडीशन खत्म हो गई है। चार से पांच दिन तक तापमान में बढोतरी रहेगी। जिससे ठंड का असर कम रहेगा। उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद बर्फबारी होगी। जिससे उत्तरी हवाएं फिर से चलने लगेंगी। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर फिर से आएगा।


ग्वालियर-जबलपुर में 5 डिग्री पारा

ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड में कोहरा रहेगा। शिवपुरी के कुछ हिस्से में भी हल्का कोहरा रह सकता है। सोमवार मंगलवार की रात में कई शहरों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर-जबलपुर में 5 डिग्री, जबकि इंदौर में 10.6 डिग्री और उज्जैन में 8 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी के अलावा मंडला, उमरिया, नौगांव, राजगढ़, खजुराहो में भी कड़ाके की ठंड रही। मंडला और उमरिया में 3 डिग्री, नौगांव में 3.8 डिग्री, राजगढ़ में 4.4 डिग्री दर्ज किया गया। टीकमगढ़, रायसेन, रीवा, छिंदवाड़ामलाजखंड और सतना में तापमान 7 डिग्री से नीचे रहा। हालांकि, मंगलवार को दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। इस बार ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। पिछले 9 दिन से शीतलहर चली।


25 दिसंबर से फिर तेज ठंड के संकेत

सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है। इस साल दिसंबर की सर्दी ने ट्रेड बदल दिया है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड और ट्रेंड देखें तो दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में कड़ाके की ठंड पड़ती रही है लेकिन इस बार पहले ही पखवाड़े में तेज सर्दी का असर है। भोपाल और इंदौर की रात तो पिछले 2 साल में सबसे ठंडी रही हैं यानी दिसंबर की ठंड का रिकॉर्ड टूट गया है। दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में भी कड़ाके की ठंड ही रहेगी।

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