कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी के वीडी शर्मा बोले-एमपी में अन्नदाता के लिए भरपूर मात्रा में खाद उपलब्ध, सब्सिडी भी बढ़ाई
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश विष्णुदत्त शर्मा ने श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबूसिंह जंडेल द्वारा भगवान शंकर के बारे में की गई टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस के विधायक बाबूसिंह जंडेल द्वारा भगवान शंकर के बारे में जिस तरह से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है, गालियां दी गई हैं, उससे एक बार फिर यह साफ हो गया है कि कांग्रेस पार्टी देश में सनातन को समाप्त करने की मानसिकता से काम कर रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसानों से कर्जमाफी के झूठे वादे करके सत्ता में आई कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने किसानों को 15 महीने सिर्फ छलने का कार्य किया। एक भी किसान का 2 लाख का कर्ज माफ नहीं किया। किसानों को छलने वाले वही कांग्रेस नेता आज किसानों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। मुख्यमंत्री रहते बैतूल के मुलताई में निर्दोष किसानों पर गोलियां चलवाने वाले दिग्विजय सिंह आज बहरूपिया बनकर किसानों के हित की बात कर रहे हैं, जो उनके मुंह से शोभा नहीं देता है।
किसान विरोधी नेता दिग्विजय सिंह समझ लें कि मध्यप्रदेश में अन्नदाता के लिए किसी भी तरह की खाद की कमी नहीं है। सरकार उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करा रही है और डीएपी में सब्सिडी भी बढ़ाई गयी है। शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह जैसे भ्रमित करने वाले, किसान विरोधी नेता स्पष्ट रूप से समझ लें कि मध्यप्रदेश में खाद की किसी भी तरह की किल्लत नहीं है। मध्यप्रदेश के अन्नदाता को पर्याप्त मात्रा में खरीफ और आने वाली रबी की फसलों के लिए खाद उपलब्ध करा दी गयी है और करायी जा रही है। उसके लिए निम्न तथ्य स्पष्ट रूप से बताते हैं। साधारण तौर पर पौधों को तीन प्रमुख पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है और किसान नाइट्रोजन जिसका सोर्स यूरिया, अमोनियम सल्फेट होता है।
फॉस्फोरस जिसका सोर्स डीएपी व एनपीके आदि से मिलते हैं और पोटैशियम जो एनपीके, म्यूरेट ऑफ पोटाश के माध्यम से मिलता है। यह कहना गलत है कि फॉस्फोरस सिर्फ और सिर्फ डीएपी के माध्यम से मिलता है। बल्कि कृषि वैज्ञानिकों की सलाह है कि डीएपी और एनपीके दोनों फॉस्फोरस के लिए उपयोग में लाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिक यह सुझाव देते हैं कि डीएपी की तुलना में एनपीके का उपयोग अधिक करना चाहिए, क्योंकि इससे पोटैशियम की आवश्यकता भी पूरी होती है। एनपीके अन्नदाता की लागत को भी कम करती है और फसल के लिए भी अधिक उपयोगी होती है। वैश्विक रूप से अन्नदाता फॉस्फोरस के लिए डीएपी से बेहतर एनपीके का उपयोग करता है। केंद्र सरकार ने डीएपी फर्टिलाइजर पर सब्सिडी बढ़ा दी है, जिससे की किसी भी तरह की अन्नदाता को परेशानी न हो।
खरीफ 2024 के लिए 32.54 लाख मीट्रिक टन खाद अन्नदाता को उपलब्ध करा दी गई है। इसको हम 2023 से तुलना करें तो खरीफ की फसल के समय 32.96 लाख मीट्रिक टन खाद प्रदान की गई थी। इसलिए तथ्य स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि मध्यप्रदेश में किसी भी तरह की खाद की किल्लत नहीं है। 2024 में यूरिया की बिक्री खरीफ में 17.58 लाख मीट्रिक की गई है, जो 2023 में 15.54 लाख मीट्रिक टन थी। खरीफ 2023 और 2024 के लिए डीएपी और एनपीके की बिक्री दोनों वर्ष के लिए 10.5 लाख मीट्रिक टन है। इससे यह देखा जा सकता है कि सरकार ने किसानों के हित में काम किया है और उन्हें आवश्यक मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराई गई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसानों से कर्जमाफी के झूठे वादे करके सत्ता में आई कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने किसानों को 15 महीने सिर्फ छलने का कार्य किया। एक भी किसान का 2 लाख का कर्ज माफ नहीं किया। किसानों को छलने वाले वही कांग्रेस नेता आज किसानों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। मुख्यमंत्री रहते बैतूल के मुलताई में निर्दोष किसानों पर गोलियां चलवाने वाले दिग्विजय सिंह आज बहरूपिया बनकर किसानों के हित की बात कर रहे हैं, जो उनके मुंह से शोभा नहीं देता है।
किसान विरोधी नेता दिग्विजय सिंह समझ लें कि मध्यप्रदेश में अन्नदाता के लिए किसी भी तरह की खाद की कमी नहीं है। सरकार उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करा रही है और डीएपी में सब्सिडी भी बढ़ाई गयी है। शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह जैसे भ्रमित करने वाले, किसान विरोधी नेता स्पष्ट रूप से समझ लें कि मध्यप्रदेश में खाद की किसी भी तरह की किल्लत नहीं है। मध्यप्रदेश के अन्नदाता को पर्याप्त मात्रा में खरीफ और आने वाली रबी की फसलों के लिए खाद उपलब्ध करा दी गयी है और करायी जा रही है। उसके लिए निम्न तथ्य स्पष्ट रूप से बताते हैं। साधारण तौर पर पौधों को तीन प्रमुख पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है और किसान नाइट्रोजन जिसका सोर्स यूरिया, अमोनियम सल्फेट होता है।
फॉस्फोरस जिसका सोर्स डीएपी व एनपीके आदि से मिलते हैं और पोटैशियम जो एनपीके, म्यूरेट ऑफ पोटाश के माध्यम से मिलता है। यह कहना गलत है कि फॉस्फोरस सिर्फ और सिर्फ डीएपी के माध्यम से मिलता है। बल्कि कृषि वैज्ञानिकों की सलाह है कि डीएपी और एनपीके दोनों फॉस्फोरस के लिए उपयोग में लाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिक यह सुझाव देते हैं कि डीएपी की तुलना में एनपीके का उपयोग अधिक करना चाहिए, क्योंकि इससे पोटैशियम की आवश्यकता भी पूरी होती है। एनपीके अन्नदाता की लागत को भी कम करती है और फसल के लिए भी अधिक उपयोगी होती है। वैश्विक रूप से अन्नदाता फॉस्फोरस के लिए डीएपी से बेहतर एनपीके का उपयोग करता है। केंद्र सरकार ने डीएपी फर्टिलाइजर पर सब्सिडी बढ़ा दी है, जिससे की किसी भी तरह की अन्नदाता को परेशानी न हो।
खरीफ 2024 के लिए 32.54 लाख मीट्रिक टन खाद अन्नदाता को उपलब्ध करा दी गई है। इसको हम 2023 से तुलना करें तो खरीफ की फसल के समय 32.96 लाख मीट्रिक टन खाद प्रदान की गई थी। इसलिए तथ्य स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि मध्यप्रदेश में किसी भी तरह की खाद की किल्लत नहीं है। 2024 में यूरिया की बिक्री खरीफ में 17.58 लाख मीट्रिक की गई है, जो 2023 में 15.54 लाख मीट्रिक टन थी। खरीफ 2023 और 2024 के लिए डीएपी और एनपीके की बिक्री दोनों वर्ष के लिए 10.5 लाख मीट्रिक टन है। इससे यह देखा जा सकता है कि सरकार ने किसानों के हित में काम किया है और उन्हें आवश्यक मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराई गई है।
मोहब्बत की दुकान पर बिकने लगी गालियां
भाजपा प्रदेश विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि बाबूसिंह जंडेल ने जिस तरह भगवान शंकर के प्रति गालियों का प्रयोग किया है, उसके बारे में मैं राहुल गांधी से यह पूछना चाहता हूं कि आपने मोहब्बत की दुकान खोली है या गालियों की? शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के एक विधायक ने भगवान शंकर के बारे में इस प्रकार की टिप्पणी करके सनातन धर्म को मानने वाले करोड़ों लोगों की आस्था और भावनाओं पर चोट की है, लेकिन कांग्रेस के नेताओं ने चुप्पी साध रखी है।
कुछ मीडिया प्रतिनिधियों ने जब दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी से इस बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब देने से ही मना कर दिया। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि सनातन को खत्म करना और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करना ही कांग्रेस पार्टी का एजेंडा है। वीडी शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से देश और प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि क्या वे अपने विधायक के बयान से सहमत हैं? अगर नहीं है, तो फिर वे अपने विधायक के खिलाफ क्या क…
कुछ मीडिया प्रतिनिधियों ने जब दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी से इस बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब देने से ही मना कर दिया। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि सनातन को खत्म करना और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करना ही कांग्रेस पार्टी का एजेंडा है। वीडी शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से देश और प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि क्या वे अपने विधायक के बयान से सहमत हैं? अगर नहीं है, तो फिर वे अपने विधायक के खिलाफ क्या क…

