Nepal: नेपाल में बालेन युग की शुरुआत: बालेंद्र शाह ने ली प्रधानमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ, बने सबसे युवा पीएम
PM Nepal: नई दिल्ली/काठमांडू: नेपाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता बालेंद्र शाह को देश का 47वां प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संविधान के अनुच्छेद 76(1) के तहत उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह काठमांडू स्थित शीतल निवास में आयोजित हुआ, जिसमें उनके मंत्रिमंडल ने भी शपथ ली।

ऐतिहासिक जीत और सरकार गठन
5 मार्च को हुए चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 275 में से 182 सीटें जीतकर बड़ी सफलता हासिल की। इसी जीत के बाद बालेन शाह के नेतृत्व में नई सरकार बनी। रिपोर्ट्स के अनुसार, 14 मंत्रियों के नाम तय किए गए हैं और सुदन गुरुंग को गृह मंत्री बनाए जाने की संभावना है।
खास अंदाज़ में शपथ ग्रहण
शुक्रवार दोपहर 12:34 बजे हुए इस समारोह में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों का पालन किया गया। शंखनाद के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जो शुभता और सफलता का प्रतीक माना जाता है। बालेन शाह पारंपरिक नेपाली टोपी में नजर आए, जबकि मंच पर उनकी पत्नी और बेटी की मौजूदगी ने इस पल को भावनात्मक बना दिया।

रामनवमी पर विशेष महत्व
रामनवमी के पावन अवसर पर हुआ यह शपथ ग्रहण और भी खास बन गया। इस दिन शपथ लेना शुभ माना जाता है, जिससे इस आयोजन का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बढ़ गया।
युवाओं के बीच लोकप्रिय नेता
35 वर्षीय बालेन शाह को नेपाल के युवाओं, खासकर जेन-जी के बीच काफी लोकप्रियता हासिल है। वे Zen-G आंदोलन से उभरकर एक मजबूत राजनीतिक चेहरा बने हैं और युवाओं की पहली पसंद के रूप में सामने आए हैं।

केपी शर्मा ओली को दी बड़ी शिकस्त
बालेन शाह ने चार बार के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को उनके गढ़ झापा-5 में हराकर बड़ी राजनीतिक जीत दर्ज की। इससे उनकी लोकप्रियता और नेतृत्व क्षमता का प्रभाव साफ दिखा।
शिक्षा और प्रशासनिक अनुभव
27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में जन्मे बालेन शाह ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और शहरी विकास व इंफ्रास्ट्रक्चर में गहरी समझ विकसित की। काठमांडू महानगर के मेयर के रूप में उनका कार्यकाल प्रभावशाली रहा, जिसने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत पहचान दिलाई।

नई राजनीतिक दिशा का संकेत
बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना नेपाल में नई राजनीतिक सोच और युवा नेतृत्व के उदय का संकेत है। उनकी नियुक्ति को बदलाव, उम्मीद और नए दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

