EVM मामले पर अड़ी कांग्रेस, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर नहीं लड़ेगी चुनाव, पूर्व मंत्री के बयान पर भाजपा का पलटवार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने बुधवार को बयान दिया कि कांग्रेस तब तक आगामी चुनाव नहीं लड़ेगी जब तक बैलेट पेपर से मतदान की व्यवस्था फिर से लागू नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की बैलेट पेपर प्रणाली को फिर से लागू करने की मांग पर इंडिया ब्लॉक के सहयोगियों के साथ बैठक की जाएगी।
लखमा ने बताया कि कांग्रेस पार्टी आगामी चुनावों के लिए चुनावी रणनीति तैयार करने से पहले सभी गठबंधन सहयोगियों से चर्चा करेगी और अगर मांग पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो कांग्रेस विरोध प्रदर्शन भी करेगी। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा पार्टी के लिए गंभीर है और इस पर एक ठोस कदम उठाने के लिए इंडिया ब्लॉक के सहयोगियों से विचार-विमर्श किया जाएगा।
"बैठक के बाद कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जाएगी" कवासी लखमा ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैलेट पेपर प्रणाली को वापस लाने की बात कही है और इस पर इंडिया ब्लॉक के सभी सहयोगियों के साथ बैठक की जाएगी। वर्तमान में लोकसभा सत्र चल रहा है, लेकिन जैसे ही यह सत्र समाप्त होगा, कांग्रेस पार्टी बैलेट पेपर से मतदान की व्यवस्था लागू करने के लिए कड़ी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करेगी। इससे पहले, मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के उपयोग पर सवाल उठाए थे और पुराने बैलेट पेपर प्रणाली को वापस लाने की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बैलेट पेपर से मतदान की व्यवस्था की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप केवल तब उठता है जब कोई पार्टी चुनाव हार जाती है। कांग्रेस की यह मांग विशेष रूप से महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में एमवीए गठबंधन की हार के बाद जोर पकड़ी है। चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति ने शानदार जीत हासिल करते हुए 288 में से 230 सीटें जीती थीं। कांग्रेस ने कहा कि पार्टी बैलेट पेपर प्रणाली को फिर से लागू करने के लिए पूरी ताकत से अभियान चलाएगी और इसे एक महत्वपूर्ण मुद्दा मानते हुए हर स्तर पर इसका विरोध करेगी।
भाजपा का पलटवार
भाजपा ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के लिए कांग्रेस की आलोचना की आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और न्यायपालिका को कमजोर करने का आरोप लगाया है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने कहा, "अब यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस के मन में संविधान या संवैधानिक संस्थाओं के प्रति कोई सम्मान नहीं है।
संविधान और सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ अभियान चलाकर वे सिर्फ राजनीतिक नौटंकी कर रहे हैं।" शर्मा ने ईवीएम मुद्दे को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने के लिए कांग्रेस की आलोचना की और दावा किया कि पार्टी द्वारा चुनाव बहिष्कार का आह्वान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और न्यायपालिका में उनके विश्वास की कमी को दर्शाता है। शर्मा ने कहा, "कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवहेलना करके दिखा दिया है कि उसे भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं में कोई भरोसा नहीं है।" उन्होंने कहा कि लखमा का बयान कांग्रेस के असली राजनीतिक चरित्र को उजागर करता है।

