Create your Account
CJI DY Chandrachud : राम मंदिर से अनुच्छेद 370 तक, सुप्रीम कोर्ट में 500 से अधिक ऐतिहासिक फैसलों के रहे हिस्सा
- Rohit banchhor
- 08 Nov, 2024
वे रविवार को आधिकारिक रूप से सेवानिवृत्त होंगे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को उनका अंतिम दिन था।
CJI DY Chandrachud : नई दिल्ली। भारत के 50वें प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ का शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में अंतिम कार्य दिवस था। न्यायपालिका में उनके प्रभावशाली योगदान और कई ऐतिहासिक फैसलों के लिए वे विशेष रूप से पहचाने जाते हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद, अनुच्छेद 370, और समलैंगिकता को अपराध से बाहर करने जैसे महत्वपूर्ण मामलों पर फैसले दिए। हालांकि, वे रविवार को आधिकारिक रूप से सेवानिवृत्त होंगे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को उनका अंतिम दिन था।
CJI DY Chandrachud : न्याय की नई कल्पना, भारतीय संस्कृति के अनुरूप 'न्याय की देवी'
चंद्रचूड़ ने अपनी न्यायिक भूमिका में कई पहलुओं को नया स्वरूप दिया। उन्होंने न्याय की देवी की पारंपरिक प्रतिमा को बदलते हुए छह फुट ऊंची, भारतीय परिधान और बिना पट्टी वाली प्रतिमा स्थापित की, जो संविधान को थामे हुए है। यह प्रतीक उनके समर्पण और दृष्टिकोण को दर्शाता है।
CJI DY Chandrachud : ऐतिहासिक फैसलों का सफर
चंद्रचूड़ ने 500 से अधिक महत्वपूर्ण फैसले लिखे, जिनमें कुछ ने विवाद खड़े किए तो कुछ की व्यापक प्रशंसा भी हुई। उनकी न्यायिक यात्रा में व्यक्तिगत अधिकारों के विस्तार, निजता के मौलिक अधिकार की घोषणा, और राम मंदिर निर्माण का ऐतिहासिक निर्णय जैसे बड़े फैसले शामिल हैं। उनकी पीठ ने 'लिविंग विल' और पैसिव यूथनेसिया को कानूनी मान्यता दी, जिससे असाध्य रोगों से पीड़ित व्यक्तियों के अधिकारों को बल मिला।
CJI DY Chandrachud : संविधान पीठ और विवादित फैसले
चंद्रचूड़ कई संविधान पीठों का हिस्सा रहे और कई बार साहसिक फैसले लिए। उन्होंने अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने के फैसले का नेतृत्व किया। इसके अलावा, समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।
CJI DY Chandrachud : सुधार और नवाचार
चंद्रचूड़ ने अदालती रिकॉर्ड्स के डिजिटलीकरण में भी अहम भूमिका निभाई। कोविड-19 के दौरान अदालत की कार्यवाही को लाइव-स्ट्रीमिंग के माध्यम से जनता तक पहुंचाना उनकी दूरदर्शिता को दर्शाता है। उन्होंने ग्रीष्मकालीन अवकाश के स्वरूप को बदलकर इसे 'आंशिक न्यायालय कार्य दिवस' नाम दिया, जिससे शीर्ष अदालत की छुट्टियों को लेकर उठ रही आलोचनाओं का समाधान किया गया।
CJI DY Chandrachud : व्यक्तिगत जीवन और क्रिकेट प्रेम
चंद्रचूड़ का जन्म 11 नवंबर 1959 को हुआ था। वे भारतीय न्यायपालिका में पिता-पुत्र के तौर पर सर्वोच्च न्यायाधीश बनने वाले एकमात्र जोड़ीदार हैं। क्रिकेट के प्रति उनका विशेष प्रेम रहा है, और वे अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए भी जाने जाते हैं। उनके दो वकील बेटे, अभिनव और चिंतन, और दो बेटियां प्रियंका और माही हैं।
Related Posts
More News:
- 1. CG News : PF की रकम जारी करने के बदले 10 हजार की रिश्वत लेते सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी गिरफ्तार
- 2. UP Panchayat Secretary Recruitment 2026: यूपी में 13,116 पंचायत सचिवों की होगी सीधी भर्ती, तीन चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
- 3. Eknath Shinde: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती; सभी कार्यक्रम रद्द
- 4. UP: यहां फिर बदला स्कूल खुलने का समय, बीएसए ने जारी किया आदेश, जानिए अब कब लगेंगी कक्षाएं
Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Popular post
Live News
Latest post
You may also like
Subscribe Here
Enter your email address to subscribe to this website and receive notifications of new posts by email.

