NCERT 9वीं की किताब में बड़ा बदलाव, समाजवाद-धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र की व्याख्या हटाई गई, SIR और इमरजेंसी पर चैप्टर जोड़ा
नई दिल्ली। एनसीईआरटी ने कक्षा 9वीं की सामाजिक विज्ञान की नई किताब जारी कर दी है। नई किताब ‘Understanding Society: India and Beyond’ में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। संविधान की प्रस्तावना तो शामिल है, लेकिन समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र की विस्तृत व्याख्या को हटा दिया गया है।
संविधान की प्रस्तावना से हटाई गई विस्तृत व्याख्या
पहले किताब में संविधान की प्रस्तावना के बाद ‘Sovereign’, ‘Socialist’, ‘Secular’, ‘Democratic’, ‘Liberty’, ‘Equality’ और ‘Fraternity’ जैसे शब्दों की विस्तार से व्याख्या दी जाती थी। नई किताब में इन शब्दों की गहन समझ को हटा दिया गया है। केवल प्रस्तावना का मूल टेक्स्ट रखा गया है।
SIR और महिला आरक्षण पर नया चैप्टर
नई किताब में ‘Special Intensive Revision’ (SIR) को शामिल किया गया है। इसमें चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया है। साथ ही महिला आरक्षण पर भी अलग चैप्टर जोड़ा गया है, जिसमें महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और पंचायती राज संस्थाओं में उनके प्रतिनिधित्व की चर्चा की गई है।
वेदों और भारतीय ज्ञान परंपरा को मिली जगह
एनसीईआरटी ने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देते हुए वेदों (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद) पर सामग्री शामिल की है। किताब में वेदों को भारतीय सभ्यता, संस्कृति, धर्म, दर्शन और शिक्षा की आधारशिला बताया गया है।
इमरजेंसी पर नया अध्याय
नई किताब में आपातकाल (Emergency) पर एक नया चैप्टर जोड़ा गया है, जो छात्रों को इस ऐतिहासिक घटना की जानकारी देगा। यह बदलाव शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा और संवैधानिक मूल्यों की नई समझ को बढ़ावा देने की दिशा में देखा जा रहा है। छात्रों और शिक्षकों का इस नई किताब पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। NCERT का कहना है कि किताब को वर्तमान समय और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप अपडेट किया गया है।

