AI Summit 2026: प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को किया संबोधित, 'MANAV विजन' भी पेश, बोले- 'AI से भविष्य, जिम्मेदारी जरूरी'
AI Summit 2026: नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत मंडपम में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' को संबोधित किया। उन्होंने इस समिट को दुनिया की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक एआई सम्मेलनों में से एक करार दिया तथा 140 करोड़ भारतीयों की ओर से 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और युवा प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया।
AI Summit 2026: प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समिट ऐसे भारत में हो रही है जो मानवता के छठे हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी, सबसे बड़ा टेक टैलेंट पूल और मजबूत टेक-इनेबल्ड इकोसिस्टम वाला देश है। उन्होंने जोर दिया कि आज एआई की दिशा भविष्य तय करेगी। मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेजी से आगे बढ़ रहा है, इसलिए विजन बड़ा और जिम्मेदारी भी बड़ी होनी चाहिए। असली सवाल यह नहीं कि एआई भविष्य में क्या कर सकती है, बल्कि वर्तमान में हम इसका उपयोग किस उद्देश्य और दिशा में कर रहे हैं।
AI Summit 2026: पीएम मोदी ने एआई को मशीन-सेंट्रिक से ह्यूमन-सेंट्रिक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एआई को संवेदनशील, उत्तरदायी और नैतिक बनाना इस ग्लोबल समिट का मूल उद्देश्य है। भारत एआई को 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की भावना से देखता है। एआई में इंसान सिर्फ डेटा पॉइंट न बने, बल्कि इसे लोकतांत्रिक, समावेशी और सशक्तिकरण का माध्यम बनाना होगा, खासकर ग्लोबल साउथ के लिए।
AI Summit 2026: इस दौरान प्रधानमंत्री ने भारत का 'MANAV विजन' पेश किया। MANAV का अर्थ 'मानव' है, जिसमें M - नैतिक और एथिकल सिस्टम, A - जवाबदेह शासन व्यवस्था, N - राष्ट्रीय संप्रभुता, A - सुलभ और समावेशी व्यवस्था, V - वैध और विश्वसनीय ढांचा शामिल है। उन्होंने कहा कि यह विजन 21वीं सदी के एआई-आधारित विश्व में मानव कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा।
AI Summit 2026: पीएम मोदी ने दुनिया को दो श्रेणियों में बांटा- एक वे जो एआई में भय देखते हैं, दूसरे वे जो अवसर और भविष्य देखते हैं। भारत को एआई में भय नहीं, बल्कि भाग्य और अवसर दिखता है। उन्होंने डीपफेक जैसे दुरुपयोग के खतरे भी रेखांकित किए, जो खुले समाजों में अस्थिरता पैदा कर सकते हैं।
AI Summit 2026: अंत में प्रधानमंत्री ने भारत की ताकत बताते हुए निवेश का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि तीन भारतीय कंपनियों ने यहां एआई मॉडल और ऐप लॉन्च किए, जो युवाओं की प्रतिभा का प्रमाण है। भारत सेमीकंडक्टर, चिप मेकिंग, क्वांटम कंप्यूटिंग तक मजबूत इकोसिस्टम बना रहा है। डायवर्सिटी, डेमोग्राफी और डेमोक्रेसी के साथ भारत एआई सॉल्यूशंस का नैचुरल हब है। उन्होंने वैश्विक टेक लीडर्स से आह्वान किया - 'डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया, डिलिवर टू द वर्ल्ड, डिलिवर टू दी ह्यूमैनिटी'। यह समिट 16-20 फरवरी तक चल रही है, जिसमें वैश्विक नेता, टेक दिग्गज और नीति निर्माता एआई के जिम्मेदार उपयोग पर चर्चा कर रहे हैं।

