India-US trade deal: व्हाइट हाउस ने संशोधित फैक्ट शीट से ‘दालों’ का जिक्र हटाया, प्रतिबद्धता की जगह इरादा शब्द इस्तेमाल, भारत में नहीं गलेगी अमेरिकी दाल
India-US trade deal: नई दिल्ली/वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर जारी अपनी फैक्ट शीट में संशोधन करते हुए अमेरिकी उत्पादों की सूची से ‘दालों’ का उल्लेख हटा दिया है। साथ ही भारत द्वारा 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी उत्पादों की खरीद को लेकर प्रयुक्त शब्द ‘प्रतिबद्धता’ को बदलकर ‘इरादा रखता है’ कर दिया गया है।
India-US trade deal: व्हाइट हाउस ने सोमवार को “अमेरिका और भारत ने ऐतिहासिक व्यापार समझौते (अंतरिम समझौता) की घोषणा की” शीर्षक से एक फैक्ट शीट जारी की थी। यह दस्तावेज भारत और अमेरिका के बीच पारस्परिक एवं लाभकारी व्यापार से जुड़े अंतरिम समझौते के ढांचे की संयुक्त घोषणा के कुछ दिन बाद जारी किया गया था।
India-US trade deal: प्रारंभिक दस्तावेज में कहा गया था कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और खाद्य व कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त करेगा या कम करेगा। इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स (डीडीजी), रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे और प्रसंस्कृत फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट सहित अन्य उत्पाद शामिल थे।
India-US trade deal: इसके अतिरिक्त, दस्तावेज में उल्लेख किया गया था कि भारत ने ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और अन्य क्षेत्रों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।
India-US trade deal: हालांकि, मंगलवार को जारी संशोधित फैक्ट शीट में ‘दालों’ का जिक्र हटा दिया गया। साथ ही भाषा में बदलाव करते हुए कहा गया कि भारत अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने तथा 500 अरब डॉलर से अधिक की अमेरिकी ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कोयला और अन्य उत्पादों की खरीद का “इरादा रखता है।”
India-US trade deal: संशोधित दस्तावेज में कहा गया है कि भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और खाद्य व कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त या कम करेगा, जिनमें डीडीजी, रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे व प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन तथा स्पिरिट और अन्य उत्पाद शामिल हैं।
India-US trade deal: बता दें कि पिछले सप्ताह जारी भारत-अमेरिका संयुक्त बयान में भी उन वस्तुओं की सूची में ‘दालों’ का कोई उल्लेख नहीं था, जिन पर भारत द्वारा शुल्क समाप्त या कम किए जाने की बात कही गई थी। संयुक्त बयान के अनुसार, भारत अगले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान एवं उनके कलपुर्जे, बहुमूल्य धातु, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने का इरादा रखता है।
India-US trade deal: यह बयान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत के बाद जारी किया गया था, जिसमें दोनों नेताओं ने पारस्परिक व्यापार पर अंतरिम समझौते के ढांचे पर सहमति जताई और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की वार्ताओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

