Vande Mataram New Rules 2026: वंदे मातरम् पर बड़ा फैसला: सरकारी कार्यक्रमों में बजेगा 6 छंद वाला पूरा गीत, राष्ट्रगान से पहले गायन अनिवार्य
- Pradeep Sharma
- 11 Feb, 2026
नई दिल्ली। Vande Mataram New Rules 2026: भारत सरकार ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के प्रति सम्मान और इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
नई दिल्ली। Vande Mataram New Rules 2026: भारत सरकार ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के प्रति सम्मान और इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार अब आधिकारिक सरकारी कार्यक्रमों, राष्ट्रपति और राज्यपाल के संबोधनों और ध्वजारोहण जैसे मौके पर वंदे मातरम् का विस्तारित संस्करण बजाया जाएगा। खास बात यह है कि यदि राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों का गायन होना है, तो वंदे मातरम् को प्राथमिकता दी जाएगी।
Vande Mataram New Rules 2026: गृह मंत्रालय के 10 पन्नों के आदेश के अनुसार, अब ‘वंदे मातरम्’ का 6 छंदों वाला संस्करण आधिकारिक तौर पर मान्य होगा। इसकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकंड निर्धारित की गई है। अब तक इसके केवल पहले दो छंद ही राष्ट्रीय गीत के रूप में गाए जाते थे। नए नियमों के तहत, यदि किसी कार्यक्रम में ‘जन गण मन’ (राष्ट्रगान) और ‘वंदे मातरम्’ दोनों को बजाया या गाया जाता है, तो वंदे मातरम् पहले बजाया जाएगा। इसके अलावा, गायन या वादन के दौरान श्रोताओं को सावधान (Attention) मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा।
Vande Mataram New Rules 2026: किन अवसरों पर बजाया जाएगा राष्ट्रीय गीत
मंत्रालय ने उन आधिकारिक अवसरों की लिस्ट स्पष्ट कर दी है जहां इस गीत का गायन या वादन अनिवार्य होगा:-
• राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) फहराते समय।
• राष्ट्रपति के किसी भी कार्यक्रम में आगमन पर, उनके भाषण और राष्ट्र के नाम संबोधन से ठीक पहले और बाद में।
• राज्यपालों और उपराज्यपालों के आगमन और उनके आधिकारिक भाषणों के दौरान।
• नागरिक सम्मान समारोहों और सरकार द्वारा आयोजित विशेष राजकीय कार्यक्रमों में।
• स्कूलों की सभाओं में भी सामूहिक राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत के गायन को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए हैं।
Vande Mataram New Rules 2026: क्या रहेंगे शिष्टाचार और गरिमा के नियम
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रीय गीत के दौरान उचित मर्यादा और शिष्टाचार का पालन करना आवश्यक है। हालांकि, यदि राष्ट्रगान किसी न्यूज फिल्म या डॉक्यूमेंट्री का हिस्सा है, तो दर्शकों को खड़े होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इससे प्रदर्शन में बाधा उत्पन्न हो सकती है। इसके अतिरिक्त, बैंड द्वारा राष्ट्रगान बजाने से पहले 7 कदमों की अवधि तक ढोल बजाए जाएंगे, ताकि श्रोताओं को पता चल सके कि राष्ट्रगान शुरू होने वाला है।
Vande Mataram New Rules 2026: बता दें कि, बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा 1870 के दशक में रचित इस गीत को 1950 में राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया गया था। सरकार का यह नया कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में दी गई उस दलील के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पर गीत के महत्वपूर्ण छंदों को हटाकर “गीत का विभाजन” करने का आरोप लगाया था। मोदी ने तर्क दिया था कि मूल गीत के साथ की गई इस छेड़छाड़ ने रचना के मूल उद्देश्य को कमजोर किया। अब गृह मंत्रालय का यह आदेश राष्ट्रीय गीत को उसके पूर्ण स्वरूप में लोकप्रिय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

