वाहन किराए के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 2 आरोपी गिरफ्तार, 28 वाहन जप्त
- Rohit banchhor
- 14 Jul, 2025
पुलिस ने इनके कब्जे से 19 कार और 9 ट्रैक्टर सहित कुल 28 वाहन, जिनकी अनुमानित कीमत 2.5 करोड़ रुपये है, जप्त किए हैं।
MP News : नरसिंहगढ़। मध्य प्रदेश के नरसिंहगढ़ पुलिस ने एक संगठित धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने विलासितापूर्ण जीवनशैली का प्रदर्शन कर लोगों को वाहन किराए पर लगाने का झांसा देकर ठगी की। पुलिस ने इनके कब्जे से 19 कार और 9 ट्रैक्टर सहित कुल 28 वाहन, जिनकी अनुमानित कीमत 2.5 करोड़ रुपये है, जप्त किए हैं।
4 जून 2025 को फरियादी कपिल जायसवाल ने अपने मित्र चेतन गुर्जर के साथ नरसिंहगढ़ थाने में शिकायत दर्ज की कि शैलेंद्र सिंह राजपूत ने उनकी कार (MP04CW3709) और चेतन की बालेनो कार (MP04EC5664) को कंपनी में किराए पर लगाने के नाम पर लिया, लेकिन न तो किराया दिया और न ही वाहन लौटाए। इस शिकायत पर थाना नरसिंहगढ़ में अपराध क्रमांक 282/2025, धारा 316(2) BNS दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरियादी विनोद कुशवाहा और आशीष मेहरा की शिकायतों पर क्रमशः अपराध क्रमांक 404/2025 और 405/2025, धारा 316(2), 318(4) BNS के तहत मामले दर्ज किए गए।
गिरोह का सिंडिकेट और ठगी का तरीका-
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी शैलेंद्र सिंह राजपूत अपने साथी आदिल ताई के साथ मिलकर एक संगठित सिंडिकेट चला रहा था। यह गिरोह मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में अपनी विलासितापूर्ण जीवनशैली का प्रदर्शन कर वाहन मालिकों को झांसे में लेता था। वे वाहनों को कथित रूप से कंपनी में किराए पर लगाने और मोटा किराया देने का वादा करते थे। इसके बाद, ये वाहन गिरवी रखकर या बेचकर आर्थिक लाभ कमाते थे।
पुलिस की कार्रवाई-
नरसिंहगढ़ पुलिस ने लगातार प्रयासों के बाद शैलेंद्र सिंह राजपूत 27 वर्ष, निवासी ग्राम सिंदोड़ा, थाना नजीराबाद और आदिल ताई निवासी नरसिंहगढ़ को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि इस गिरोह ने कई जिलों में इसी तरह की धोखाधड़ी की। पुलिस ने इनके कब्जे से 19 कारें और 9 ट्रैक्टर, कुल 28 वाहन जप्त किए, जिनकी कीमत लगभग 2.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लिया है और अन्य 2-3 संदिग्धों की तलाश जारी है, जिनके जल्द गिरफ्तार होने की संभावना है।

