Breaking News
:

जरूरी खबर: छत्तीसगढ़ में अब होटलों, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और आवासीय कॉलोनियों को खुद उठानी पड़ेगी waste management की जिम्मेदारी..नहीं तो लगेगा इतना जुर्माना

Chhattisgarh, hotels, educational institutions, hospitals, residential colonies, waste management

waste management: रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर सख्ती बढ़ाते हुए बड़े कचरा उत्पादकों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब होटलों, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बड़ी आवासीय कॉलोनियों और अन्य

waste management: रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर सख्ती बढ़ाते हुए बड़े कचरा उत्पादकों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब होटलों, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बड़ी आवासीय कॉलोनियों और अन्य बल्क वेस्ट जनरेटर्स को अपने परिसरों में ही गीले कचरे के निपटान के लिए कंपोस्टिंग या बायोगैस जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से विकसित करनी होंगी।


waste management: नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देशानुसार, यदि कोई संस्थान अपने परिसर में कचरे का निपटान नहीं करता है, तो उसे नगरीय निकाय से विशेष अनुमति लेनी होगी। साथ ही निर्धारित शुल्क या जुर्माना भी देना पड़ सकता है। यह व्यवस्था एक अप्रैल से प्रभावी कर दी गई है।


waste management: कलेक्टरों को भी सौंपी गई ऑडिट की जिम्मेदारी


नए नियमों के तहत पहली बार जिला कलेक्टरों को भी नगरीय निकायों के कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। सभी जिलों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए उपलब्ध अधोसंरचना का ऑडिट कलेक्टर करेंगे और इसकी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपी जाएगी।




waste management: चार श्रेणियों में कचरे का पृथक्करण अनिवार्य


सरकार ने कचरे के वैज्ञानिक निपटान को सुनिश्चित करने के लिए उसे चार श्रेणियों—गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाले अपशिष्ट—में स्रोत स्तर पर ही अलग करने को अनिवार्य किया है। इससे कचरा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनने की उम्मीद है।


waste management: नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई


निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित संस्थानों के साथ-साथ अधिकारियों को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा। प्रारंभिक स्तर पर अमल न होने पर तत्काल आर्थिक दंड लगाया जाएगा, जबकि लगातार लापरवाही बरतने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।


waste management: नगरीय निकायों के अफसर भी होंगे जिम्मेदार


सरकार ने नगरीय निकायों को कचरा प्रबंधन की अधोसंरचना मजबूत करने, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) स्थापित करने और चार-कक्षीय कचरा संग्रहण वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा पुराने डंपसाइट्स (लीगेसी वेस्ट) के निराकरण के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाने को भी कहा गया है।


waste management: एमआरएफ केंद्रों में सूखे कचरे की छंटाई, वर्गीकरण और पुनर्चक्रण योग्य सामग्री की रिकवरी की जाती है। सरकार का मानना है कि इन कदमों से न केवल शहरों में कचरे का बोझ कम होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के पुनर्चक्रण को भी बढ़ावा मिलेगा।

Popular post

Live News

Latest post

You may also like

Subscribe Here

Enter your email address to subscribe to this website and receive notifications of new posts by email.

Join Us