सीएम डॉ. मोहन यादव ने की बिरसा मुंडा की जीवनी पाठ्यक्रम में शामिल करने की घोषणा, कोल समाज के लिए कई बड़े ऐलान...
- Rohit banchhor
- 09 Jun, 2025
जिसे कोल समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक महत्व को उजागर करने वाला मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा कोल सम्मेलन माना जा रहा है।
MP News : शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के ब्यौहारी में आज भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कोल जनजातीय महाकुंभ ने कोल समाज को एक नई पहचान और संगठन देने का ऐतिहासिक प्रयास किया। इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कोल समाज के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें प्रदेश के स्कूलों के पाठ्यक्रम में बिरसा मुंडा की जीवनी को शामिल करना, कोल समाज पर झूठे मुकदमों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, और मिनी ब्राजील कहे जाने वाले विचारपुर की फुटबॉल टीमों के लिए आर्थिक सहायता जैसे बड़े ऐलान शामिल हैं। हजारों की संख्या में कोल समाज के लोगों ने इस महाकुंभ में शिरकत की, जिसे कोल समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक महत्व को उजागर करने वाला मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा कोल सम्मेलन माना जा रहा है।
सीएम की बड़ी घोषणाएं-
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कोल जनजातीय महाकुंभ के मंच से कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के स्कूलों के पाठ्यक्रम में भगवान बिरसा मुंडा की जीवनी को शामिल किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी उनके बलिदान और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान से प्रेरणा ले सके। इसके अलावा, कोल समाज के लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। सीएम ने कहा, “कोल समाज को परेशान करने वालों की अब खैर नहीं। हमारी सरकार उनके साथ है और ऐसी हरकतों पर कड़ी कार्यवाही होगी।” कोल समाज के लिए पट्टों का वितरण भी सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि उनकी जमीन से संबंधित समस्याओं का समाधान हो।
विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन-
इस अवसर पर सीएम ने सिंगल क्लिक के माध्यम से ₹323 करोड़ से अधिक की लागत वाले 107 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें ₹79.06 करोड़ की लागत के 55 विकास कार्यों का लोकार्पण और ₹244.09 करोड़ की लागत के 52 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। ये परियोजनाएं कोल समाज और शहडोल क्षेत्र के समग्र विकास को गति देंगी। सीएम ने कहा, “यह महाकुंभ कोल समाज की गरिमा और गौरव को बढ़ाने का मील का पत्थर साबित होगा।”
मिनी ब्राजील और शबरी माता कन्या छात्रावास-
शहडोल के विचारपुर को ‘मिनी ब्राजील’ के रूप में जाना जाता है, जहां फुटबॉल का विशेष महत्व है। सीएम ने प्रत्येक फुटबॉल टीम को ₹10 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की, ताकि स्थानीय युवाओं को खेल के क्षेत्र में प्रोत्साहन मिले। साथ ही, प्रदेश के 13 जिलों में 82 कन्या परिसर छात्रावासों का नाम अब शबरी माता कन्या छात्रावास के रूप में रखा जाएगा, जो कोल समाज के शबरी माता के प्रति गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, शहडोल मेडिकल कॉलेज में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जो समाज के गौरव को और बढ़ाएगी।
कोल समाज का गौरवशाली इतिहास-
सीएम ने अपने संबोधन में कोल समाज के समृद्ध इतिहास का जिक्र करते हुए कहा, “कोल समाज का इतिहास माता शबरी से जुड़ा है, जिन्होंने भगवान श्रीराम को जूठे बेर खिलाकर प्रेम और भक्ति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। यह समाज हर युग में अपनी बहादुरी और रणकौशल के लिए प्रसिद्ध रहा है।” उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को ‘धरती आबा’ के रूप में याद करते हुए कहा कि उनकी पुण्यतिथि पर यह आयोजन कोल समाज को संगठित करने और उनके गौरव को पुनर्जनन करने का अवसर है।
आयोजन की भव्यता-
ब्यौहारी के जनपद पंचायत मुख्यालय में आयोजित इस महाकुंभ का शुभारंभ सीएम डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन के साथ किया। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल सहित कई गणमान्य जनप्रतिनिधि और हजारों कोल समाज के लोग इस आयोजन में शामिल हुए।

