बुंदेली रीति-रिवाजों के साथ बुंदेलखंड के नायक पद्मश्री रामसहाय पांडे को दी गई अंतिम विदाई, लोगों ने दी श्रद्धांजलि
भोपाल: बुंदेलखंड के गौरव और पद्मश्री सम्मानित रामसहाय पांडे की अंतिम यात्रा में हजारों लोग नम आंखों के साथ शामिल हुए। उनके घर से मुक्तिधाम तक की इस यात्रा में बुंदेली परंपराओं का पालन करते हुए शिष्यों ने राई नृत्य के साथ उन्हें भावपूर्ण विदाई दी। इस मौके पर राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी, समाजसेवी और आम जनता ने उनकी स्मृति को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए शोक जताया।
लंबी बीमारी के बाद निधन
पद्मश्री रामसहाय पांडे का लंबी बीमारी के बाद आज सुबह 5 बजे एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे बुंदेलखंड में शोक की लहर दौड़ गई। वे अपनी कला और संस्कृति के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे, जिसने उन्हें इस क्षेत्र का प्रतीक बनाया था।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
उनकी अंतिम यात्रा उनके निवास से शुरू होकर मुक्तिधाम तक पहुंची। इस दौरान उनके शिष्यों ने पारंपरिक राई नृत्य के साथ उन्हें सम्मान दिया। यात्रा में शामिल विशाल जनसमूह में शहर की प्रमुख हस्तियां और आम लोग मौजूद रहे। यह दृश्य उनकी लोकप्रियता और समाज में उनके योगदान का जीवंत प्रमाण था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने शोक संदेश में उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया।

