DRDO ने किया कम दूरी की अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण, परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम,जानें इसकी खासियत
DRDO: नई दिल्ली। भारत ने रक्षा क्षेत्र में आज एक और ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। DRDO ने शुक्रवार 22 मई की शाम ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से 'अग्नि-1' (Agni-1) बैलिस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। यह परीक्षण शाम ठीक 6:30 बजे एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) से किया गया।
India Defence News: परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है स्वदेशी 'अग्नि-1'
'अग्नि-1' पूरी तरह से भारत में विकसित (स्वदेशी) शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (SRBM) है, जिसे डीआरडीओ ने तैयार किया है। यह मिसाइल सामरिक परमाणु हथियारों के साथ-साथ पारंपरिक हथियार ले जाने में भी पूरी तरह सक्षम है। भारतीय सशस्त्र बलों की स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड (SFC) इस मिसाइल का संचालन करती है। बता दें कि 'अग्नि-1' से 'अग्नि-4' मिसाइलों की मारक क्षमता 700 किमी से 3,500 किमी तक है और इन्हें पहले ही तैनात किया जा चुका है। नया परीक्षण कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का हुआ है।
DRDO Short Range Ballistic Missile:'अग्नि-1' मिसाइल की मारक क्षमता और खासियतें:
1.सटीक निशाना: यह मिसाइल 700 किलोमीटर से लेकर 1200 किलोमीटर तक की दूरी पर मौजूद दुश्मन के ठिकानों को पूरी सटीकता से ध्वस्त कर सकती है।
2.वजन और लंबाई: इस मिसाइल की कुल लंबाई 12 मीटर है और इसका वजन करीब 12 टन है।
3.पेलोड क्षमता: यह अपने साथ 1,000 किलोग्राम (1 टन) तक के परमाणु या पारंपरिक विस्फोटक ले जा सकती है।
4.ठोस ईंधन (Solid Propellant): मिसाइल में ठोस प्रणोदक का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी वजह से इसे बेहद कम समय में तुरंत लॉन्च (त्वरित प्रक्षेपण) के लिए तैयार किया जा सकता है।
5.मोबाइल लॉन्चर से कहीं से भी दागा जा सकता है। इसमें अत्याधुनिक और उन्नत नेविगेशन प्रणाली लगी है, जो इसे लक्ष्य पर अचूक सटीकता के साथ वार करने की क्षमता देती है।
6.इसे सड़क और रेल के माध्यम से आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है। रोड-मोबाइल होने के कारण इसे मोबाइल लॉन्चर से किसी भी स्थान से दागा जा सकता है।

