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CG-Fisheries-Blue-Revolution: देश में मत्स्य उत्पादन में छत्तीसगढ़ छठवें स्थान पर, नीली क्रांति की ओर बढ़ रहा राज्य: नेताम

CG-Fisheries-Blue-Revolution

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CG-Fisheries-Blue-Revolution: रायपुर। छत्तीसगढ़ मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में देश में छठवें स्थान पर पहुंच गया है। राज्य में सालाना 9.59 लाख टन मछली का रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है। राजधानी रायपुर में गुरुवार को केंद्रीय समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए मत्स्य पालन मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब “नीली क्रांति” की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और मछुआरे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ा रहे हैं।


जल क्षेत्र का व्यापक विकास, लाखों को रोजगार

मंत्री नेताम ने बताया कि राज्य में उपलब्ध 2.081 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र में से 96.25 प्रतिशत क्षेत्र को मत्स्य पालन के लिए विकसित किया जा चुका है। इससे 2.25 लाख से अधिक मछुआरों को स्थायी स्वरोजगार मिला है।


मछली पालन को कृषि का दर्जा मिलने से राहत

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार द्वारा मछली पालन को कृषि का दर्जा दिए जाने से मत्स्य पालकों को बिजली दरों में छूट, ब्याज मुक्त ऋण और पानी की दरों में राहत मिल रही है। इससे मत्स्य व्यवसाय को बढ़ावा मिला है।


तिलापिया उत्पादन बढ़ाने विशेष क्लस्टर तैयार

मंत्री नेताम ने बताया कि “गिफ्ट तिलापिया” उत्पादन के लिए रायपुर और कांकेर में विशेष क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028 तक तिलापिया उत्पादन को 30 हजार टन तक पहुंचाने का है। इससे प्रदेश को प्रतिवर्ष 90 से 100 करोड़ रुपये तक का विदेशी निर्यात राजस्व मिलने की संभावना है।


मत्स्य बीज उत्पादन में भी आत्मनिर्भर बना प्रदेश

कार्यक्रम में मत्स्य संचालक नारायण सिंह नाग ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 123 सर्कुलर हेचरी, 102 मत्स्य बीज प्रक्षेत्र, 3,698 संवर्धन पोखर, धमतरी में 1 पंगेशियस हेचरी, विभिन्न जिलों में 7 मांगुर हेचरी तथा रायपुर और बलौदाबाजार में 2 मोनोसेक्स तिलापिया हेचरी संचालित हैं।


दूसरे राज्यों को भी भेजे जा रहे मत्स्य बीज

मत्स्य संचालक ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 606 करोड़ से अधिक मत्स्य बीज का उत्पादन हो रहा है। राज्य अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, केरल और गोवा जैसे राज्यों को भी उच्च गुणवत्ता वाले मत्स्य बीज की आपूर्ति कर रहा है।


आधुनिक तकनीकों से बढ़ा उत्पादन

बीते एक वर्ष में राज्य के मत्स्य उत्पादन में 11.75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। ग्रामीण तालाबों में औसत उत्पादकता 4,838 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है, जबकि केज कल्चर और बायोफ्लॉक जैसी आधुनिक तकनीकों से प्रगतिशील किसान 8,000 से 12,000 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।

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