Bangladesh Measles : बांग्लादेश में खसरे का कहर, अब तक 488 बच्चों की मौत; वैक्सीन की कमी से बिगड़े हालात
Bangladesh Measles : ढाका। बांग्लादेश में खसरे की बीमारी ने भयानक रूप ले लिया है। पिछले तीन महीनों में इस बीमारी से 488 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 40,000 से अधिक मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। स्वास्थ्य महानिदेशालय के अनुसार, पिछले 24 घंटे में ही सात और बच्चों की जान गई है। देश के 64 जिलों में से 58 जिलों में यह संक्रमण तेजी से फैल चुका है। चिटगांव इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित है।
वैक्सीन की भारी कमी मुख्य वजह
यूनिसेफ ने इस संकट का मुख्य कारण वैक्सीन की कमी को बताया है। एजेंसी ने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को कई बार चेतावनी दी थी, लेकिन समय पर वैक्सीन का ऑर्डर नहीं दिया गया। यूनिसेफ की प्रतिनिधि राना फ्लावर्स ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय को पांच-छह पत्र भेजे और 10 बैठकों में इस मुद्दे पर चिंता जताई, फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
59 हजार से ज्यादा संदिग्ध मामले
15 मार्च से अब तक 59,279 से अधिक संदिग्ध मरीज सामने आए हैं। इनमें से 46,407 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि 42,336 मरीज इलाज के बाद ठीक होकर घर लौट चुके हैं। अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
सरकार ने शुरू की उच्च स्तरीय जांच
वर्तमान सरकार ने खसरे के प्रकोप और वैक्सीन की कमी को लेकर उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। यूनिसेफ ने जांच में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पूर्व सरकार ने वैक्सीन खरीदने में इतनी बड़ी लापरवाही क्यों बरती।
महामारी को लेकर बढ़ती चिंता
बांग्लादेश में खसरे का यह प्रकोप बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर वैक्सीनेशन न होने के कारण स्थिति बेकाबू हो गई। अंतरिम सरकार अब इस संकट को नियंत्रित करने के लिए तेजी से कदम उठाने की कोशिश कर रही है, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।

