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Maha Shivratri Ujjain Mahakal: महाशिवरात्रि से पहले महाकालेश्वर मंदिर में उत्साह, बाबा महाकाल के विवाह की ऐसे निभाई जा रही हैं रस्में, आज रात 2.30 बजे खुलेंगे महाकाल मंदिर के पट, कल निकलेगी भोले बाबा की बारात

Maha Shivratri Ujjain Mahakal 2025: उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व को लेंकर उत्साह का माहौल है। महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि के लिए मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे।

Maha Shivratri Ujjain Mahakal 2025: उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व को लेंकर उत्साह का माहौल है। महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि के लिए मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे।

उज्जैन । Maha Shivratri Ujjain Mahakal 2025: उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व को लेंकर उत्साह का माहौल है। महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि के लिए मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। इसके साथ ही आम दर्शन का सिलसिला शुरू हो जाएगा। भक्तों को लगातार 44 घंटे भगवान महाकाल के दर्शन होंगे। अभी से बड़ी संख्या में शिव भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचने लगे हैं।




Maha Shivratri Ujjain Mahakal 2025: विवाह की तैयारी में गाए जा मंगल गीत


महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल के विवाह की तैयारी में मंगल गीत गाए जा रहे हैं। महिला श्रद्धालु मांगलिक गीतों पर नृत्य भी कर रही हैं। बता दें कि महाकालेश्वर मंदिर में दूसरे ज्योतिर्लिंगों के मुकाबले अलग परंपराओं का निर्वहन होता है। जिस तरह विवाह की खुशी में हल्दी, मेहंदी और मंगल गीत की परंपरा निभाई जाती है, उसी तर्ज पर महाकालेश्वर मंदिर में भी भगवान महाकाल के विवाह की सभी परंपराओं का निर्वहन किया जाता है। श्रद्धालु भगवान महाकाल को हल्दी और मेहंदी लगाने में जुटे हैं।





Maha Shivratri Ujjain Mahakal 2025: महाशिवरात्रि पर्व के अगले दिन भगवान महाकाल को दूल्हे की तरह सजाया जाएगा। महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी बताते हैं कि शिव नवरात्रि के दौरान भगवान महाकाल को अलग-अलग रूपों में दूल्हा बनाया जाता है. महिला श्रद्धालु मंगल गीत और नृत्य कर भगवान महाकाल के विवाह समारोह की खुशी जाहिर करती हैं।


44 घंटे में कब-कब आरती पूजा होगी


1.मंगलवार-बुधवार की मध्य रात्रि 2.30 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद भस्म आरती होगी।

2.बुधवार सुबह 7.30 से 8.15 बजे तक दद्योदक (बालभोग) आरती होगी।

3.सुबह 10.30 से 11.15 बजे तक भोग आरती होगी।

4.दोपहर 12 बजे तहसील की ओर से भगवान महाकाल की शासकीय पूजा होगी।

5.शाम 4 बजे से होलकर व सिंधिया राजवंश की ओर से पूजा अर्चना की जाएगी।

6.शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक कोटेश्वर महादेव का पूजन व सेहरा श्रृंगार होगा।

7.रात 11 बजे से गर्भगृह में महाकाल की महापूजा होगी, जो सारी रात चलेगी।

8.गुरुवार सुबह 6 बजे से 10 बजे तक सेहरा दर्शन होंगे।

9.दोपहर 12 बजे साल में एक बार दिन में भस्म आरती होगी।

10.दोपहर 2 बजे बालभोग व भोग आरती होगी।

11.रात 11 बजे शयन आरती के बाद पट बंद होंगे।


.यह रहेगी दर्शन व्यवस्था-सामान्य दर्शनार्थी


आम भक्त: कर्कराज पार्किंग से भील समाज की धर्मशाला, गोंड बस्ती, चारधाम मंदिर, शक्तिपथ, श्री महाकाल महालोक, मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर, महाकाल टनल के रास्ते गणेश व कार्तिकेय मंडपम से भगवान महाकाल के दर्शन कराए जाएंगे।

वीआईपी: वीआईपी तथा प्रोटोकॉल के तहत आने वाले भक्तों को बेगमबाग मार्ग पर बने नीलकंठ द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। वृद्ध व दिव्यांग: ऐसे श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश की व्यवस्था भी इसी द्वार से रहेगी। दर्शन के बाद इसी मार्ग से बाहर निकलेंगे।

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