Breaking News
:

Internet Shutdowns Worldwide: क्या सच में बंद हो जाएगा इंटरनेट, डिजिटल ब्लैकआउट से कैसे निपटेंगी दुनिया, समंदर में मचा है भौकाल

Internet Shutdowns Worldwide

Internet Shutdowns Worldwide

Internet Shutdowns Worldwide: नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने अब समुद्र की गहराइयों में बिछे उस नेटवर्क को भी खतरे में डाल दिया है, जिस पर दुनिया की डिजिटल व्यवस्था निर्भर करती है। आज वैश्विक डेटा का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा फाइबर-ऑप्टिक केबल्स के जरिए ट्रांसफर होता है, जो समुद्र के भीतर बिछी होती हैं। लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य ऐसे महत्वपूर्ण मार्ग हैं, जहां से एशिया, यूरोप और अफ्रीका के बीच डेटा का आदान-प्रदान होता है।


संवेदनशील क्षेत्र और अहम केबल्स

लाल सागर में करीब 17 प्रमुख सबसी केबल्स मौजूद हैं, जबकि होर्मुज के रास्ते AAE-1, FALCON और Tata-TGN Gulf जैसी अहम लाइनें गुजरती हैं। ये केबल्स भारत और खाड़ी देशों के लिए डेटा कनेक्टिविटी की रीढ़ मानी जाती हैं।


मरम्मत बन सकती है सबसे बड़ी चुनौती

खतरा केवल केबल्स के कटने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें ठीक करना भी मुश्किल हो सकता है। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव, समुद्री माइंस और हमलों के कारण मरम्मत जहाजों का पहुंचना जोखिम भरा हो गया है। बीमा कंपनियां भी ऐसे इलाकों में जहाज भेजने से हिचक रही हैं।


टेक कंपनियों और भारत पर असर

Amazon, Google और Microsoft जैसी कंपनियों के मिडिल ईस्ट में स्थापित डेटा सेंटर इन केबल्स पर निर्भर हैं। यदि ये प्रभावित होते हैं, तो इंटरनेट सेवाएं, बैंकिंग, अस्पताल और शेयर बाजार पर गंभीर असर पड़ सकता है। भारत के लिए यह स्थिति और भी चिंताजनक है, क्योंकि उसका अधिकांश डेटा ट्रैफिक इन्हीं मार्गों से गुजरता है।


क्या संभव है डिजिटल ब्लैकआउट?

फिलहाल केबल्स काम कर रही हैं, लेकिन पहले भी हमलों के कारण व्यवधान देखा जा चुका है। यदि लाल सागर और होर्मुज दोनों मार्ग प्रभावित होते हैं, तो वैश्विक स्तर पर बड़े डिजिटल संकट या ‘डिजिटल ब्लैकआउट’ की स्थिति पैदा हो सकती है।

Popular post

Live News

Latest post

You may also like

Subscribe Here

Enter your email address to subscribe to this website and receive notifications of new posts by email.

Join Us