WB Crime: बारुईपुर में नाबालिग बलात्कार-हत्या मामले का मुख्य आरोपी एनकाउंटर में ढ़ेर, 12 साल की बच्ची के साथ की थी हैवानियत, "मां ने शव लेने से किया इनकार"
WB Crime: नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 12 साल की बच्ची के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। यह एनकाउंटर तब हुआ जब पुलिस आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रिक्रिएट करा रही थी।
एनकाउंटर कैसे हुआ?
पुलिस के अनुसार, प्रभाष मंडल ने अचानक एक पुलिसकर्मी का पिस्तौल छीनने की कोशिश की और एक राउंड गोली चला दी। फिर वह भागने लगा। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा था और जांच को गुमराह कर रहा था।
मामले की जानकारी
बच्ची 4 जुलाई को लापता हो गई थी। परिवार ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। अगले दिन उसकी लाश सूर्यपुर हाट इलाके के तालाब में मिली। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि बलात्कार के बाद बच्ची को जिंदा तालाब में फेंक दिया गया था। फेफड़ों और पेट में पानी मिलने से उसकी मौत हुई। इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने 6 सदस्यीय SIT टीम बनाई है।
आरोपी की मां का बयान
आरोपी प्रभाष मंडल की मां ने बुधवार को कहा कि वह अपने बेटे का शव नहीं लेंगी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "दो पुलिसवाले मेरे घर आए थे। मैं उस समय सोकर उठी ही थी। उन्होंने मुझे बताया कि मेरा बेटा मर गया है और पूछा कि क्या मैं अस्पताल जाना चाहूंगी। मैंने उनसे कहा कि मैं नहीं जा सकती क्योंकि मेरे पति बीमार हैं।"
'उसने कोई अच्छा काम नहीं किया था'
उन्होंने आगे कहा, "मैंने उनसे कहा कि वे जो चाहें करें, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मेरे बेटे को उसके किए की सजा मिल गई है। मैं उसका शव नहीं लूंगी। मैं उसका शव घर नहीं लाऊंगी। उसने कोई अच्छा काम नहीं किया था। उसने गलत किया और उसे उसकी सजा मिल गई है।" "उसे मार डालो या जो चाहो करो। मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं उसका शव नहीं लूंगी।"
इलाके में तनाव
इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय लोगों में गुस्सा है और उन्होंने सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया था।

