US-Iran War: अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से युद्धविराम टूटा; अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने US के 85 सैन्य ठिकाने उड़ाए, ट्रंप बोले - अब नहीं होगी कोई नई डील
US-Iran War: नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हुआ युद्धविराम अब खत्म हो चुका है और उनकी सरकार अब किसी नए समझौते के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान हमला करेगा तो अमेरिका उससे भी ज्यादा ताकत से जवाब देगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
तेल निर्यात पर फिर लगा प्रतिबंध
कुछ समय पहले दोनों देशों के बीच 60 दिनों का युद्धविराम हुआ था। इसके तहत अमेरिका ने ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेचने की अस्थायी छूट दी थी। लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हमलों के बाद अमेरिका ने यह छूट वापस ले ली। अब ईरान पर फिर से तेल निर्यात से जुड़े कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं।
ईरान ने अमेरिका पर लगाया समझौता तोड़ने का आरोप
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के फैसले की कड़ी आलोचना की है। उसका कहना है कि अमेरिका ने 18 जून 2026 को हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा। साथ ही अमेरिका को इसके परिणाम भुगतने होंगे।
हमलों के बाद बढ़ी चिंता
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज क्षेत्र में जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। वहीं ईरान की ओर से भी खाड़ी क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। कुवैत में मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी के बाद एयर रेड सायरन बजाए गए। हालांकि कुवैती सेना ने कहा कि अधिकांश हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया गया और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई।
दुनिया पर पड़ सकता है असर
इस तनाव का असर वैश्विक बाजार पर भी दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो दुनिया भर में तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं तथा ईंधन आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।

