पितृपक्ष में तकनीक का इस्तमाल, सात समंदर पार बैठे परिजन कर रहे तर्पण के लिए ऑनलाइन बुकिंग
भोपाल। पितृपक्ष की शुरुआत हो गई है। ऐसे में इन दिनों घाटों पर तर्पण कराने सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। बुधवार को शहर में जलाशयों के घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्राद्धकर्म और तर्पण कर पितरों की आत्मशांति के लिए प्रार्थना की। बदलते वक्त के साथ अब युवा पंडित भी घाटों पर तर्पण के साथ-साथ ऑनलाइन तर्पण कराने लगे हैं।
इसके अलावा लेपटॉप वेबकैम, गूगल मीट, जूम सहित अन्य माध्यमों से ऑनलाइन तर्पण और श्राद्धकर्म भी कराए जा रहे हैं। पितृपक्ष पखवाड़े के अंतर्गत बुधवार को सुबह से ही घाटों पर श्राद्धकर्म, तर्पण कराने के लिए लोगों की भारी भीड़ लगी रही। सुबह विधि-विधान से पानी में खड़े होकर अनेक लोगों ने अपने पूर्वजों की आराधना की और तर्पण किया। शहर की शीतलदास की बगिया में भारी भीड़ रही।
खटलापुरा, गिन्नौरी घाट, गायत्री शक्तिपीठ पर लोग तर्पण कराने पहुंचे।गिन्नौरी घाट पर श्राद्ध तर्पण करवाने वाले युवा पंडित अभिषेक आचार्य का कहना है, घाट के अलावा कई लोग ऑनलाइन भी तर्पण करवाते हैं। बुधवार को भी थाईलैंड के यजमान नीरज सक्सेना ने अपने पिता का तर्पण सुबह 4 बजे ऑनलाइन कराया है। इस बार पितृपक्ष में हमारे पास अमरीका, कनाडा से यजमानों ने तर्पण की बुकिंग है।
इसमें अमरीका से प्रदीप सक्सेना, माधव शर्मा और प्रशांत सक्सेना ने तर्पण के लिए संपर्क किया है। इसके लिए लैपटॉप और वेबकैम के जरिए संपूर्ण विधि विधान और मंत्रोच्चारण के साथ तर्पण कराते हैं। कई यजमान ऐसे भी हैं, जो आ नहीं पाते, उनके लिए भी ऑनलाइन तर्पण की व्यवस्था है। स्थानीय यजमानों के ऑनलाइन तर्पण का अलग से समय रखते हैं।

