कांग्रेस ने लगाया आरोप मप्र में दौड़ रहीं छग में रजिस्टर्ड 1950 एम्बुलेंस, 40 करोड़ के राजस्व का नुकसान
भोपाल। मप्र कांग्रेस ने प्रदेश में 108 संजीवनी एम्बुलेंस के संचालन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। मप्र कांग्रेस सूचना विभाग के प्रदेश अध्यक्ष पुनीत टंडन और कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने बुधवार को संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेज (जेएईएस) का किराये पर एम्बुलेंस लगाने का अनुबंध वर्ष 2021 में हुआ, जिसके तहत 14 अप्रैल, 2022 से (जेएईएस) द्वारा एम्बुलेंस सर्विसेज की सुविधाएं चालू की गईं।
उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर वित्तीय वर्ष 2023-24 की प्राप्त जानकारी अनुसार अप्रैल, 2023 से जनवरी 2024 तक कुल 10 माह में लगभग 325 करोड़ रुपए का एनएचएम द्वारा जेएईएस को भुगतान किया गया है, जिसकी जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मप्र में जेएईएस द्वारा अनुबंध दिनांक से लेकर आज भी छत्तीसगढ़ में रजिस्टर्ड लगभग 1950 एम्बुलेंस चलाई जा रही हैं। इससे मप्र सरकार को 30 से 40 करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ है। सरकार मामले की जांच कराएं।
पुनीत टंडन ने सवाल उठाते हुए कहा, क्या अनुबंध अनुसार जेएईएस द्वारा एनएचएम को लिखित में सूचित कर अनुमति मांगी गई थी, कि उनके द्वारा लगाई गई समस्त एम्बुलेंस का रजिस्ट्रेशन, रोड टैक्स आदि का छत्तीसगढ़ राज्य में भुगतान कर गाड़ियां मप्र में संचालित की जा सकेंगी? यदि ऐसा हुआ है, तो मप्र को 30 से 40 करोड़ के राजस्व की हानि हुई है, क्योंकि जेएईएस द्वारा समस्त एम्बुलेंस छत्तीसगढ़ में पंजीयन कराकर छत्तीसगढ़ नंबर प्लेट के साथ मप्र में संचालित की जा रही हैं, जो अनुबंध अनुसार मप्र सरकार के साथ बड़ा आपराधिक कृत्य प्रतीत होता है।

