Chhath Puja 2024 : संतान की लंबी उम्र के लिए महिलाएं करती है छठ पूजा, आइए जानें नहाय खाय से लेकर उषा अर्घ्य के बारे में...
- Rohit banchhor
- 01 Nov, 2024
इस दौरान महिलाएं 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं, जो इसे सबसे कठिन व्रतों में से एक बनाता है।
Chhath Puja 2024 : डेस्क न्यूज। छठ पूजा का महापर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है, जिसे सूर्य षष्ठी पर्व भी कहा जाता है। यह चार दिवसीय त्योहार विशेष रूप से सूर्य देव और छठी मैय्या को समर्पित है। इस दौरान महिलाएं 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं, जो इसे सबसे कठिन व्रतों में से एक बनाता है। तो आइए जानते हैं इस साल के छठ पर्व का पूरा कार्यक्रम और तिथियां।
Chhath Puja 2024 : इस दिन से शुरू हो रही छठ पूजा-
Chhath Puja 2024 : नहाय खाय (5 नवंबर 2024)-
छठ पूजा की शुरुआत नहाय खाय से होती है। इस दिन व्रती महिलाएं पवित्र स्नान कर सात्विक भोजन ग्रहण करती हैं। श्रद्धालु नदी या तालाब में स्नान करते हैं और घर में भात, चना दाल, और लौकी का प्रसाद बनाकर सेवन करते हैं।
Chhath Puja 2024 : खरना (6 नवंबर 2024)
दूसरे दिन को लोहंडा या खरना कहा जाता है। इस दिन माताएं दिनभर व्रत रखती हैं और मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी से प्रसाद बनाती हैं। पूजा के बाद खरना का प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे के निर्जला व्रत का आरंभ करती हैं।
Chhath Puja 2024 : संध्या अर्घ्य (7 नवंबर 2024)
छठ पूजा के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य का विशेष महत्व होता है। व्रती महिलाएं सूर्यास्त के समय नदी या तालाब के किनारे जाकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करती हैं। बांस के सूप में ठेकुआ, फल, गन्ना, और अन्य सामग्री रखकर पूजा की जाती है।
Chhath Puja 2024 : प्रातःकालीन अर्घ्य (8 नवंबर 2024)
चौथे और अंतिम दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है। इस दिन व्रती महिलाएं संतान की लंबी उम्र और अच्छे भविष्य की कामना करती हैं और प्रसाद वितरण करती हैं।
Chhath Puja 2024 : छठ पूजा का प्रसाद-
छठ पूजा के प्रसाद में ठेकुआ, मालपुआ, चावल के लड्डू, फल और नारियल प्रमुख रूप से शामिल होते हैं। सबसे पहले यह प्रसाद सूर्य देव और छठी मैय्या को अर्पित किया जाता है और फिर सभी के बीच वितरित किया जाता है। इस प्रकार, छठ पूजा का यह महापर्व श्रद्धा, भक्ति और संयम का प्रतीक है, जो परिवार और समाज में खुशहाली और सामंजस्य को बढ़ावा देता है।

