CG: प्रथम नियुक्ति तिथि से गणना कर मिले पूर्ण पेंशन - याचिकाकर्ताओ ने डीपीआई का किया घेराव
CG: रायपुर: छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा के अगुवाई में एवम प्रांतीय संयोजक सुधीर प्रधान,जिलाध्यक्ष नारायण चौधरी,नंद कुमार साहू,प्रदीप वर्मा,भोपाल सिंह बंजारा, तुलेंद्र सागर की उपस्थिति तथा याचिकाकर्ता शिक्षक समूह के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर के निर्णय अनुसार संविलियन पूर्व की सेवा गणना कर "पूर्ण पेंशन" प्रदान करने हेतु नीति निर्धारण एवं आदेश जारी करने की मांग को लेकर डीपीआई का घेराव किया गया। विभागीय स्तर पर पता चला है कि कोर्ट के निर्णय के आधार पर पेंशन देने का निर्णय नही लेते हुए सुप्रीम कोर्ट स्तर पर अपील किये जाने हेतु शिक्षा विभाग प्रयासरत है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा एवं प्रतिनिधि मंडल द्वारा कमलप्रीत सिंह सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, अशोक नारायण बंजारा उप संचालक, डॉ महेश नायक उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय को ज्ञापन सौंप कर न्यायालयीन निर्णय अनुसार पूर्व सेवा से पेंशन देने, टीईटी का विभागीय परीक्षा आयोजित करने, राजपत्र में संशोधन करने का मांग पत्र सौंपा गया। सचिव स्कूल शिक्षा ने कहा है कि शिक्षकों के लिए विभागीय टीईटी परीक्षा लिए जाने के संबंध में वैधानिक सलाह से रास्ता निकालने प्रयास किया जाएगा, पेंशन के विषय पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्णय एवं शासन की स्थिति का अवलोकन किया जा रहा है इस संबंध में शिक्षकों का भी पक्ष आया है।
सौंपे गए ज्ञापन में मांग किया गया है जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा रमेश चंद्रवंशी बनाम छत्तीसगढ़ राज्य WPS 2255/2021 दिनांक 23/01/2026 एवं ऋषिदेव सिंह बनाम छत्तीसगढ़ राज्य WPS 5699/2021 दिनांक 17/02/2026 व अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ऐतिहासिक निर्णय पारित किया है, जिसमें माननीय न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि पेंशन कोई खैरात नहीं, बल्कि एक कल्याणकारी उपाय है। याचिकाकर्ताओं द्वारा संविलियन (01.07.2018) से पूर्व दी गई लंबी सेवा को अप्रासंगिक मानकर शून्य नहीं किया जा सकता।

माननीय न्यायालय ने निर्देश दिया है कि शासन सेवा की निरंतरता, कार्य की प्रकृति, प्रशासनिक नियंत्रण और संवैधानिक सिद्धांतों (भेदभाव-निषेध और समानुपातिकता) को ध्यान में रखते हुए 120 दिनों के भीतर एक सचेत और कारणयुक्त स्पीकिंग आदेश जारी करे। सिंगल बैंच के निर्णय के विरुद्ध राज्य शासन द्वारा डबल बैंच में WA 325/2026 याचिका दायर की गई थी जिसे माननीय उच्च न्यायालय के डबल बैंच द्वारा दिनांक 23/04/2026 को खारिज करते हुए सिंगल बैंच के निर्णय को सही माना है।
एसोसिएशन का सुझाव है कि जिस प्रकार शासन ने सातवें वेतनमान एवं संविलियन का निर्णय लिया उसी प्रकार पेंशन के लिए जनरल आदेश जारी करें। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सेवाकालीन शिक्षकों को टीईटी अर्हता प्राप्त करने हेतु समय-सीमा 31 अगस्त 2028 तक बढ़ाए जाने के पश्चात राज्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के आयोजन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं, सचिव एवं संचालक से चर्चा की गई, चर्चा के दौरान टीईटी परीक्षा के शीघ्र आयोजन, सेवाकालीन शिक्षकों को पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने तथा परीक्षा प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाए जाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
शर्मा ने बताया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा टीईटी परीक्षा के आयोजन को लेकर सकारात्मक संकेत दिए गए हैं तथा आवश्यक तैयारियों पर आंतरिक कार्य किया जा रहा है, वैधानिक रास्ता निकालने प्रयासरत है, उन्होंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय की मंशा के अनुरूप शिक्षकों को टीईटी अर्हता प्राप्त करने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।

सचिव एवं संचालक से मांग किया गया है कि सेवाकालीन शिक्षकों (इन सर्विस टीचर्स) की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पृथक विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने पर भी गंभीरता से विचार किया जाए,,साथ ही टीईटी परीक्षा का वार्षिक कैलेंडर जारी कर नियमित अंतराल पर परीक्षा आयोजित की जाए, जिससे शिक्षकों को समय पर पात्रता प्राप्त करने का अवसर मिल सके।
प्रतिनिधि मंडल में - छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, सुधीर प्रधान, बसंत चतुर्वेदी,नारायण चौधरी जिलाध्यक्ष महासमुंद नंदकुमार साहू जिला सचिव, प्रदीप वर्मा आई टी सेल प्रभारी, तुलेंद्र सागर, भोपाल सिंह बंजारा जिला सलाहकार शामिल थे।

