Mrityu Panchak 2026 : 6 जून से शुरू होगा मृत्यु पंचक: ज्योतिष में सबसे अशुभ माना जाता है यह काल, इन 5 कामों से करें परहेज
- Rohit banchhor
- 04 Jun, 2026
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
Mrityu Panchak 2026 : डेस्क न्यूज। ज्योतिष शास्त्र में पंचक का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि पंचक के दौरान किए गए कुछ कार्यों का प्रभाव लंबे समय तक व्यक्ति के जीवन पर पड़ सकता है। जून माह में 6 जून से मृत्यु पंचक की शुरुआत होने जा रही है, जिसे पंचकों में सबसे अधिक कष्टकारी माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
पंचांग गणना के अनुसार मृत्यु पंचक 6 जून, शनिवार को शाम 7 बजकर 03 मिनट से प्रारंभ होगा और 11 जून को सुबह 8 बजकर 16 मिनट तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिष मान्यताओं में शनिवार से शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक कहा जाता है, जिसका संबंध न्याय के देवता शनिदेव से माना जाता है।
पंचक तब बनता है जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से होकर गुजरता है। इन पांच नक्षत्रों में चंद्रमा की उपस्थिति के पांच दिनों को पंचक कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मृत्यु पंचक के दौरान व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
मृत्यु पंचक में किन कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है?
1. शुभ एवं मांगलिक कार्य न करें- इस अवधि में विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है।
2. लकड़ी से जुड़े कार्यों से बचें- मान्यता है कि मृत्यु पंचक में लकड़ी काटना, खरीदना या लकड़ी का संग्रह करना शुभ नहीं माना जाता।
3. दक्षिण दिशा की यात्रा टालें- ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा से बचना चाहिए।
4. बड़े आर्थिक लेन-देन से रहें सावधान- नया निवेश, बड़ा व्यापारिक सौदा या धन का महत्वपूर्ण लेन-देन इस अवधि में टालना बेहतर माना जाता है।
5. वाहन और भारी मशीनरी की खरीदारी न करें मृत्यु पंचक के दौरान नई गाड़ी, मशीनरी या बड़े उपकरणों की खरीद को भी शुभ नहीं माना गया है।

