चरम पर बेरोजगारी: तीन दिव्यांग पंचायत सचिवों की पोस्ट के लिए एमबीए-बीटेक वालो ने भरे फार्म
भोपाल। राजधानी भोपाल जिले में तीन दिव्यांग पंचायत सचिवों की भर्ती होना है। तीन पदो की भर्ती के लिए कई गुना अधिक फार्म जमा हुए है। मिली जानकारी के अनुसार दावेदारों में इंजीनियर फॉर्मासिस्ट और एमबीए करने वाले भी शामिल हैं। भर्ती सिर्फ भोपाल के लिए थी, लेकिन 700 किमी दूर सिंगरौली से आवेदन भी आए। भोपाल समेत कुल 32 जिलों ने दावेदारी की। भोपाल में ऐसा पहली बार हुआ, जब दिव्यांगजनों के लिए इतने आवेदन आए हों। इनकी नियुक्ति मेरिट के आधार पर वॉक-इन-इंटरव्यू से होगी।
9 से 20 जनवरी के बीच तीन पदों के लिए कुल 139 आवेदन आए। छंटनी में बाहरी 31 जिलों के 67 फॉर्म रिजेक्ट हो गए, जबकि भोपाल के 31 फॉर्म कमियों की वजह से रिजेक्ट हुए। ऐसे में अब सिर्फ 42 दावेदार ही बचे हैं। जिला स्तरीय कमेटी इंटरव्यू लेकर भर्ती की आगे की प्रक्रिया पूरी करेंगी। दिव्यांगजनों के लिए निकली इन पोस्ट पर भी कितनी मारामारी रही, इसका अंदाजा फॉर्म की संख्या और दावेदारों के शैक्षणिक स्तर से लगा सकते हैं। कुल 139 में 119 ग्रेजुएट हैं। वहीं, 8 इंजीनियर, 2 फार्मासिस्ट, 7 पोस्ट ग्रेजुएट और एक एमबीए भी किया था। इस भर्ती में सबसे प्रमुख शर्त ये थी कि आवेदन भोपाल का ही स्थायी निवासी हो। उसका रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन होना चाहिए।
बावजूद इसके 31 अन्य जिलों से भी आवेदक आ गए। इस वजह से उनके आवेदन निरस्त करने पड़े। भोपाल के बाद बैतूल से सबसे ज्यादा 6 आवेदन आए। रायसेन, रतलाम-मुरैना के 5-5, बालाघाट, कटनी, सीधी, नर्मदापुरम, नीमच, ग्वालियर-सीहोर के 3-3, हरदा, छिंदवाड़ा, सिंगरौली, राजगढ़-जबलपुर के 2-2 आवेदन मिले। वहीं, धार, खंडवा, शहडोल, बड़वानी, बुरहानपुर, मंदसौर, भिंड, शिवपुरी, विदिशा, सागर, रीवा, उमरिया, उज्जैन, नरसिंहपुर और आगर-मालवा के एक-एक फॉर्म भरे गए।

