ट्रम्प का नया टैरिफ: कार आयात पर 25% कर, क्या होगा असर?
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऑटोमोबाइल आयात पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की। उनका कहना है कि इससे अमेरिकी विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। ट्रम्प ने कहा, "यह विकास की रफ्तार बढ़ाएगा।" लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भर ऑटो उद्योग के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। अमेरिकी ऑटोमेकर कनाडा, मैक्सिको और अन्य देशों से पुर्जों पर निर्भर हैं, जिससे लागत बढ़ सकती है और कारों की कीमतों में उछाल आ सकता है। इस घोषणा के बाद शेयर बाजार में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखी गई। जनरल मोटर्स के शेयर 3% गिरे, जबकि फोर्ड के शेयरों में हल्की बढ़त रही। स्टेलांटिस के शेयरों में 4% की गिरावट आई। ट्रम्प लंबे समय से कहते आए हैं कि टैरिफ से उत्पादन अमेरिका में लौटेगा।
सोमवार को उन्होंने संकेत दिया था कि यह फैसला जल्द आएगा। यह टैरिफ ट्रम्प की बड़ी व्यापार नीति का हिस्सा है। वह 2 अप्रैल से "पारस्परिक कर" लागू करने की योजना बना रहे हैं। पहले ही चीन पर 20%, मैक्सिको और कनाडा पर 25% टैरिफ लगाया जा चुका है, हालांकि कुछ को अप्रैल तक निलंबित किया गया है। स्टील और एल्युमिनियम पर भी 25% कर लागू है। ट्रम्प की योजना चिप्स, दवाओं और तांबे पर भी टैरिफ लगाने की है। इससे वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका बढ़ गई है। यूरोपीय संघ ने अमेरिकी शराब पर 50% टैरिफ की योजना बनाई, तो ट्रम्प ने 200% कर का जवाब तैयार किया।
वेनेजुएला से तेल आयात पर भी 25% टैरिफ प्रस्तावित है। ट्रम्प का दावा है कि टैरिफ से रोजगार लौटेंगे, जैसा कि हुंडई के लुइज़ियाना प्लांट से संकेत मिलता है। लेकिन श्रम डेटा बताता है कि ऑटो क्षेत्र में रोजगार 2000 से कम हुए हैं। पिछले साल अमेरिका ने 244 अरब डॉलर की कारें आयात की थीं। क्या यह नीति फायदेमंद होगी या नुकसानदेह, यह समय बताएगा।

