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New Delhi BRICS Summit: US से जंग के बीच नई दिल्ली आ रहे ईरानी विदेश मंत्री, BRICS में निकलेगा शांति का रास्ता?

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New Delhi BRICS Summit: नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा संकट और वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची इस सप्ताह नई दिल्ली पहुंचेंगे।

New Delhi BRICS Summit: नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा संकट और वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची इस सप्ताह नई दिल्ली पहुंचेंगे।


New Delhi BRICS Summit: भारत 14-15 मई को होने वाली BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी कर रहा है, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, युद्धविराम और ऊर्जा आपूर्ति जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।


New Delhi BRICS Summit: सूत्रों के मुताबिक, ईरान इस दौरे के जरिए भारत सहित BRICS देशों से रणनीतिक और कूटनीतिक समर्थन जुटाने की कोशिश करेगा। माना जा रहा है कि बैठक में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति, वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेंगे।


New Delhi BRICS Summit: हाल के दिनों में इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से भारतीय व्यापारिक जहाजों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। ऐसे में भारत और ईरान के बीच समुद्री सुरक्षा और भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर द्विपक्षीय बातचीत भी हो सकती है।


New Delhi BRICS Summit: विशेषज्ञों का मानना है कि BRICS मंच पर रूस, चीन, ईरान और अन्य सदस्य देश पश्चिमी दबाव के बीच वैकल्पिक आर्थिक और व्यापारिक तंत्र को मजबूत करने पर जोर दे सकते हैं। डॉलर पर निर्भरता कम करने, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने और ऊर्जा सहयोग को लेकर भी चर्चा की संभावना जताई जा रही है।


New Delhi BRICS Summit: बता दें कि, भारत फिलहाल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और खुद को संतुलित वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने की कोशिश में है। ऐसे में नई दिल्ली पश्चिम एशिया संकट में संवाद और तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


New Delhi BRICS Summit: कूटनीतिक जानकारों के अनुसार, यह बैठक केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वैश्विक भू-राजनीतिक हालात और युद्ध की आशंकाओं के बीच शांति के रास्ते तलाशने का भी बड़ा मंच बन सकती है।

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