Petrol-Diesel Prices Hike: भारत में बढ़ सकती हैं पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कीमतें : सूत्र, पीएम मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद संभावित बढ़ोतरी के संकेत
- Rohit banchhor
- 11 May, 2026
पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी की आशंकाओं को और तेज कर दिया है।
Petrol-Diesel Prices Hike: नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से ईंधन की खपत कम करने की अपील ने पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी की आशंकाओं को और तेज कर दिया है।
सूत्रों के हवाले से आई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि, केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं। इनमें बढ़ती वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और तेल कंपनियों के नुकसान की भरपाई के लिए ईंधन दरों में वृद्धि पर चर्चा की जा रही है। हालांकि इस मामले में सरकार की ओर से कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार फिलहाल मुद्रास्फीति, राजकोषीय दबाव और उपभोक्ताओं पर असर को ध्यान में रखते हुए संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है।
PM Sh @narendramodi Ji appeals to the citizens to curtail use of petrol and diesel, use public transport where possible, and car pool as much as possible.
Measures such these will help the nation conserve energy, save on the energy import bill and overcome the challenges arising… pic.twitter.com/D20ItaWFTo
तेल कंपनियों पर बढ़ा दबाव-
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकारी तेल कंपनियां कच्चा तेल, गैस और एलपीजी महंगे दामों पर खरीद रही हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए उन्हें कम कीमत पर बेच रही हैं। इससे कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि खुदरा ईंधन पर उत्पाद शुल्क में कटौती के कारण सरकार को एक महीने में करीब 14 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। वहीं, तेल विपणन कंपनियों की अनुमानित कम वसूली 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है, जबकि कुल नुकसान करीब 1 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, देश में ऊंची वैश्विक ऊर्जा कीमतों का असर कम करने के लिए प्रतिदिन लगभग 1600 से 1700 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने की ईंधन बचाने की अपील-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन जैसे मेट्रो और बसों का अधिक इस्तेमाल करने की अपील की है। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की जरूरत बताते हुए कहा कि इससे आयातित ईंधन पर भारत की निर्भरता कम होगी। इसके साथ ही उन्होंने कोविड काल की तरह जहां संभव हो, वहां “वर्क फ्रॉम होम” अपनाने का भी सुझाव दिया, ताकि ईंधन की खपत कम की जा सके।
तीसरे महीने में पहुंचा अमेरिका-ईरान युद्ध अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब तीसरे महीने में प्रवेश कर चुका है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संघर्ष विराम के प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताया, जिससे शांति प्रयासों को बड़ा झटका लगा है। युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने रणनीतिक महत्व वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है, इस संकट से सीधे प्रभावित हो रहा है, क्योंकि देश की बड़ी मात्रा में एलपीजी और कच्चे तेल की आपूर्ति खाड़ी क्षेत्र से होती है।

