Israel And Gaza War: गाजा में तबाही, इजरायली हमलों में 60 की मौत, 22 बच्चे भी शामिल
Israel And Gaza War: गाजा/तेल अवीव। मध्य पूर्व एक बार फिर खून-खराबे की चपेट में है। मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने गाजा पट्टी पर जबरदस्त हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में 22 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। ये हमले तब हुए जब अमेरिका मध्यस्थता के ज़रिए संघर्षविराम की संभावनाओं को तलाश रहा था और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने पहले मध्य-पूर्व दौरे पर हैं।
Israel And Gaza War: गाजा के जबलिया इलाके में स्थित इंडोनेशियाई अस्पताल ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन हमलों से ठीक एक दिन पहले हमास ने एक इस्राइली-अमेरिकी बंधक को रिहा किया था, लेकिन उसके बावजूद इजराइली कार्रवाई में कोई नरमी नहीं दिखी। नेतन्याहू का सख्त रुख: “अब युद्ध रोकना मुमकिन नहीं” इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ताजा हमलों पर बयान देते हुए स्पष्ट किया, “ऐसा कोई रास्ता नहीं है जिससे गाजा में युद्ध रोका जा सके।
Israel And Gaza War: हम अपनी सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएंगे।” उनका यह बयान संघर्षविराम की संभावनाओं पर पानी फेरने वाला माना जा रहा है। इजराइली सेना ने फिलहाल हमले की रणनीति या असर को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। हालांकि जबलिया और आसपास के क्षेत्रों में कार्रवाई से पहले स्थानीय निवासियों को क्षेत्र खाली करने की चेतावनी दी गई थी। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, “हमारी सेनाएं वादा किए गए बल वृद्धि से अब बस कुछ ही दिन दूर हैं। हम गाजा में पूरी ताकत के साथ प्रवेश करेंगे और हमास के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को जल्द पूरा किया जाएगा।”
Israel And Gaza War: इजराइल का यह रुख संकेत देता है कि हमास के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह खत्म करने का अभियान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच रहा है। हमास के साथ लंबे संघर्ष और भारी सैन्य दबाव के चलते इजराइल में सैनिकों की भारी कमी देखी गई है। इसके जवाब में नेतन्याहू सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए नागरिकों की अनिवार्य सैन्य सेवा अवधि को दो साल से बढ़ाकर तीन साल कर दिया है। सरकार का मानना है कि इससे सेना की ताकत में स्थायित्व और निरंतरता बनी रहेगी।

