ओबीसी आरक्षण पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बीजेपी को घेरा,बोले-हाइकोर्ट का फैसला कांग्रेस की नीतियो की जीत
- Rohit banchhor
- 30 Jan, 2025
यह मत दिया कि 14 प्रतिशत आरक्षण के साथ सभी सरकारी विभागों में भर्तियां की जाएं।
MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण देने के फैसले का विरोध को लेकर लेकर लगाई गई जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। हाइकोर्ट के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने कहा कि ओबीसी आरक्षण को लेकर भाजपा ने हमेशा षड्यंत्रकारी रवैया अपनाया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेट फार्म एक्स पर लिखा, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें राज्य शासन द्वारा प्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण देने के फैसले का विरोध किया गया था। यह कांग्रेस पार्टी की नीतियों की जीत है।
MP News : मार्च 2019 में मैंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में मध्य प्रदेश के ओबीसी समुदाय को 27 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान किया था। हाई कोर्ट के फैसले ने मेरी तत्कालीन सरकार के निर्णय को एक बार फिर सही साबित किया है। अब मन्य प्रदेश सरकार को तत्कालस्तर पर 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण देना सुनिश्चित करना चाहिए। मार्च 2019 में मेरी तत्कालीन सरकार ने प्रदेश में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया। उसके बाद हाईकोर्ट ने पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज के लिए 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर स्थगन दिया। यहां उल्लेखानीय है कि स्थगन सिर्फ कुछ नौकरियों के लिए था।
MP News : ओबीसी के 27 प्रतिशत रिजर्वेशन की सभी बाधाओं को दूर करने के लिए जुलाई 2019 में मेरी सरकार ने विधानसभा से 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का कानून भी पास कर दिया था। यह मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग के प्रति लिया गया सबसे बड़ा और ऐतिहासिक फैसला था, लेकिन बाद में मेरी सरकार को षडयंत्रपूर्वक गिरा दिया गया और मार्च 2020 में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी। भाजपा सरकार ने ओबीसी के खिलाफ षड्यंत्र शुरू किया। हाईकोर्ट का आदेश सिर्फ कुछ पदों पर लागू होना था, लेकिन भाजपा सरकार ने पूरे प्रदेश में सभी जगह यह आदेश लागू कर 27 प्रतिशत आरक्षण की हत्या कर दी। 18 अगस्त 2020 को भाजपा सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता ने उच्च न्यायालय में यह मत दिया कि 14 प्रतिशत आरक्षण के साथ सभी सरकारी विभागों में भर्तियां की जाएं।

