समाधि स्मृति दिवस में सीएम का संबोधन, विद्यासागर महाराज को बताया सेवा, समर्पण और न्याय का आदर्श, स्मारक बनाने की घोषणा
भोपाल। राजधानी भोपाल के विधानसभा स्थित सभागार में गुरुवार को जैन मुनि विद्यासागर जी महाराज की पहली समाधि स्मृति दिवस के रूप में मनाई गई। इस दौरान दिगंबर जैन मंदिर से एक शोभायात्रा भी निकल गई जो विभिन्न मार्गो से होते हुई विधानसभा पहुंची। इस मौके पर कई पुस्तकों का भी सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने विमोचन किया। साथ ही भोपाल में आचार्य विद्यासागर महाराज का भव्य स्मारक बनाने की भी घोषणा की।
इस मौके पर मौजूद जैन समुदाय ने प्रदेश सरकार से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के साथ भोपाल मेट्रो का नाम विद्यासागर जी महाराज के नाम पर करने की मांग की। जैन मुनि विद्यासागर जी महाराज की पहली समाधि स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस तरह दृश्य बदलते हैं, उसी तरह महा पुरुष शरीर बदलते हैं। विद्यासागर जी महाराज ने अपने जीवन आदर्शों से वह आदर्श प्रस्तुत किए, जिससे वे जीते जी देवता की तरह पूजे गए, पूजे जाते रहेंगे। वे सिर्फ आंखों से ओझल हुए हैं, लेकिन वे, उनके आदर्श, उनके बताए गए सतमार्ग हमेशा हमारे साथ रहने वाले हैं।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि मुनि विद्यासागर जी महाराज ने अपने जीवनकाल में उन सभी आदर्शों और नियमों का पालन किया, जो एक सफल जीवन के लिए आवश्यक है। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि जैन समुदाय और सनातन एक ही विचारधारा से बंधे हुए हैं। सनातन और जैन नियमों का जो संबंध है, वह महाराज जी ने दुनिया को सिखाया। गौवंश को बचाने में मुनि विद्यासागर जी का बड़ा योगदान है । उन्होंने बताया कि भारत की जड़ों को मजबूत बनाने वाली शिक्षा की आवश्यकता है। जो मुनि जी ने बखूबी निभाया है।

