झुग्गी मुक्त होगा झीलों का शहर भोपाल 1522 करोड़ से संवरेगी राजधानी
भोपाल। राजधानी भोपाल को मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाया जाएगा। शहर से झुग्गियां हटेंगी। इनमें रहने वाले पात्र लोगों को मल्टियों में जगह मिलेगी। रायसेन, विदिशा, राजगढ़ समेत आसपास के जिलों के कुछ हिस्सों को मिलाकर भोपाल का दायरा बढ़ाया जाएगा। इतना ही नहीं, मंडीदीप, औबेदुल्लागंज और सांची जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में आवागमन बेहतर बनाने के लिए वंदे मेट्रो चलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को यह ऐलान करते हुए रोड मैप भी बताए। इसी के साथ प्रदेश में इंदौर के बाद भोपाल दूसरा मेट्रोपॉलिटन सिटी होगा। भोपाल जिले की समीक्षा बैठक में मंत्रियों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों और अफसरों से चर्चा करते हुए सीएम ने कहा, शहर में 10 से अधिक नए छोटे-बड़े फ्लाईओवर बनेंगे। सुरक्षा के लिए थाने और पुलिस चौकियों की संख्या बढ़ेगी। मिसरोद, भौंरीबकानिया जैसे स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इन कार्यों पर 1522 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने प्रेजेंटेशन देकर विकास कार्यों की रूपरेखा बताई।भोपाल मेट्रोपॉलिटन विकास प्राधिकरण के प्रस्तावित कार्यों के तहत रायसेन, मंडीदीप, सलामतपुर और सांची तक का क्षेत्र, राजगढ़ और पीलूखेड़ी के साथ बैरसिया और सूखी सेवनिया क्षेत्र विकसित होंगे। इसकी कार्ययोजना बनाई जाएगी। सीएम ने कहा कि शहर को झुग्गीमुक्त करने के लिए समाधान निकालें। झुग्गी में रहने वालों के लिए पहले भवन तैयार करें। फिर झुग्गियां खाली कराएं। अक्टूबर तक टेंडर प्रक्रिया कर काम शुरू करें।

