देश की 58000 से अधिक संपत्तियों पर वक्फ बोर्ड का अवैध कब्जा, संसद में मंत्री ने सार्वजानिक की जानकारी
नई दिल्ली: वक्फ संशोधन बिल को लेकर संसद में पिछले तीन दिनों से हंगामा जारी है, और अब यह उम्मीद की जा रही है कि इस बिल को अगले साल के बजट सत्र में पेश किया जाएगा। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद को बताया कि देशभर में वक्फ बोर्ड की 58,929 संपत्तियां अतिक्रमण की चपेट में हैं, जिनमें से अकेले कर्नाटक में 869 वक्फ संपत्तियां अवैध कब्जे में हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वक्फ संपत्तियों की बिक्री, ट्रांसफर या उपहार में देना अपराध है, और राज्य वक्फ बोर्ड के सीईओ को इन पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का अधिकार है। इस बीच, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने JPC (जॉइंट पार्लियामेंटरी कमिटी) के कार्यकाल को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। उनका मानना है कि समिति को अपनी रिपोर्ट बजट सत्र के पहले सप्ताह में पेश करनी चाहिए। हालांकि, विपक्षी नेताओं, विशेषकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल और JPC की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
वक्फ संपत्तियों पर इस समय विवाद की वजह यह है कि 2013 में यूपीए सरकार के तहत वक्फ बोर्ड की शक्तियां बढ़ा दी गई थीं, जिससे आम मुस्लिम समुदाय को यह महसूस हो रहा है कि उनका कोई प्रतिनिधित्व नहीं रह गया है। खासकर मुस्लिम महिलाएं और गरीब वर्ग लंबे समय से इस कानून में बदलाव की मांग कर रहे हैं, ताकि इन संपत्तियों से होने वाले राजस्व का सही तरीके से उपयोग हो सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने वक्फ अधिनियम में करीब 40 संशोधनों को मंजूरी दी है। इनमें वक्फ संपत्तियों की प्रबंधन प्रणाली को पारदर्शी बनाने और वक्फ बोर्ड द्वारा संपत्तियों पर किए गए दावों का सत्यापन अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। संशोधन विधेयक पारित होने के बाद वक्फ संपत्तियों के ट्रांसफर और प्रबंधन में बड़े बदलाव की उम्मीद है।

