विदेशी पूंजी निकासी और मुनाफावसूली से तीसरे दिन गिरा शेयर बाजार, ऑटो, फार्मा और पूंजीगत सामान कंपनियों में गिरावट
मुंबई/नई दिल्ली: विदेशी पूंजी की लगातार निकासी और ऑटो, फार्मा, एवं पूंजीगत सामान कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली के चलते बुधवार को भारतीय शेयर बाजारों में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। बाजार में इस कमजोरी का असर सेंसेक्स और निफ्टी पर साफ दिखाई दिया, जहां दोनों बेंचमार्क इंडेक्स में 0.15% से अधिक की गिरावट आई।
सेंसेक्स 138 अंक गिरा, 80,000 के नीचे भी पहुंचा
बीएसई सेंसेक्स में दिनभर उतार-चढ़ाव जारी रहा और अंत में यह 138.74 अंक या 0.17% की गिरावट के साथ 80,081.98 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 80,000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ते हुए 79,891.68 अंक तक गिरावट दर्ज की, हालांकि दिन के अंत में इसमें मामूली सुधार हुआ। सेंसेक्स के 22 घटक शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
निफ्टी भी 36 अंक गिरा, 24,435 पर बंद
एनएसई निफ्टी में भी गिरावट का दौर जारी रहा। निफ्टी 36.60 अंक या 0.15% की गिरावट के साथ 24,435.50 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से कई प्रमुख शेयरों ने दबाव महसूस किया, जिससे बाजार में मंदी का माहौल बना रहा।
महिंद्रा एंड महिंद्रा, सन फार्मा और अन्य बड़े शेयरों में गिरावट
सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में से महिंद्रा एंड महिंद्रा, सन फार्मा, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, अडानी पोर्ट्स, लार्सन एंड टूब्रो, आईसीआईसीआई बैंक और टाइटन जैसे शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इन शेयरों पर मुनाफावसूली और कमजोर निवेश धारणा का असर दिखा, जिससे बाजार में नकारात्मकता छाई रही।

