Raghav Chadha AAP Conflict : राघव चड्ढा ही नहीं… दर्जन भर नेताओं को निपटा चुके हैं केजरीवाल, कई संघर्षों के साथी छोड़ गए साथ
Raghav Chadha AAP Conflict : नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) में राघव चड्ढा की बगावत ने एक बार फिर पार्टी की पुरानी अंतर्कलह को ताजा कर दिया है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद उनके ‘खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं’ वाले बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। इससे पहले स्वाति मालीवाल, कुमार विश्वास, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण जैसे कई दिग्गज नेता पार्टी से टकराकर अलग हो चुके हैं।
Raghav Chadha AAP Conflict : स्वाति मालीवाल से शुरू हुई बगावत की नई लहर
जनवरी 2024 में स्वाति मालीवाल को राज्यसभा भेजा गया था। मार्च 2024 में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद स्वाति विदेश चली गईं। मई में केजरीवाल की रिहाई के बाद जब स्वाति उनसे मिलने पहुंचीं, तब उनके साथ निजी सचिव विभव कुमार ने मारपीट की घटना हुई। स्वाति का आरोप था कि पार्टी ने दबाव में विभव पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद स्वाति AAP से बागी हो गईं।
Raghav Chadha AAP Conflict : योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को निकाला गया
28 मार्च 2015 को AAP ने योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से हटा दिया। उस समय दिल्ली में राष्ट्रीय परिषद की बैठक चल रही थी। दोनों नेताओं ने बैठक छोड़कर बाहर आ गए और कहा कि बैठक में लोकतंत्र की अनदेखी हुई। प्रशांत भूषण ने इसे उनके खिलाफ साजिश बताया था।
Raghav Chadha AAP Conflict : कुमार विश्वास और अन्य नेताओं का विद्रोह
कुमार विश्वास, जो पार्टी के संस्थापक सदस्य थे, बाद में केजरीवाल से मतभेद के चलते अलग हो गए। उन्हें पंजाब चुनाव में प्रचार न करने को कहा गया और बाद में कई पदों से हटा दिया गया। अंततः उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इसी तरह शाजिया इल्मी, मयंक गांधी, विनोद कुमार बिन्नी, प्रो. आनंद कुमार और शांति भूषण जैसे कई नेता भी समय-समय पर पार्टी से टकराकर अलग हो चुके हैं। अधिकांश ने केजरीवाल पर केंद्रीकरण और लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया था।
Raghav Chadha AAP Conflict : राघव चड्ढा का तीखा बयान
राघव चड्ढा ने हाल ही में कहा कि वे खामोश नहीं हुए हैं, बल्कि उन्हें खामोश करवाया गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना। मैं वो दरिया हूं, जो वक्त आने पर सैलाब बन जाता है।” उन्होंने संसद में जनता के मुद्दे उठाने का हवाला दिया और पूछा कि क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध है। पार्टी की ओर से सौरभ भारद्वाज और अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर पलटवार किया।
अनुराग ढांडा ने कहा, “हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता हमारी पहचान है। जो डर जाए, वो देश के लिए क्या लड़ेगा?” राघव चड्ढा का मामला स्वाति मालीवाल वाली घटना की याद दिलाता है और AAP में बढ़ती अंतर्कलह को उजागर करता है। अब देखना होगा कि राघव चड्ढा पार्टी के साथ रहते हैं या फिर स्वाति मालीवाल और कुमार विश्वास की राह पर चलते हुए अलग हो जाते हैं। यह सियासी हलचल दिल्ली से लेकर पंजाब तक की राजनीति को प्रभावित कर रही है।

