Census 2027: जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत : जनता को 33 सवालों के देने होंगे जवाब, जानें क्या-क्या पूछेगी सरकार
Census 2027: नई दिल्ली। 15 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत में जनगणना-2027 की औपचारिक प्रक्रिया आज 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो रही है। यह देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें पहले चरण में मकानों की सूचीकरण और आवास गणना (House Listing & Housing Census) की जाएगी। इस चरण में हर परिवार से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे।
Census 2027: पहले चरण में क्या-क्या पूछे जाएंगे सवाल?
पहले चरण में गणनाकर्मी मुख्य रूप से मकान और परिवार की बुनियादी जानकारी लेंगे। इसमें भवन संख्या, घर की संख्या, फर्श-दीवार-छत की सामग्री, मकान का उपयोग और स्थिति जैसी जानकारियां शामिल हैं। इसके अलावा परिवार में रहने वाले सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, लिंग, जाति (SC/ST/अन्य), मकान का मालिकाना हक, कमरों की संख्या और विवाहित जोड़ों की संख्या भी दर्ज की जाएगी। सुविधाओं से जुड़े सवालों में पीने के पानी का स्रोत, बिजली व्यवस्था, शौचालय की उपलब्धता, अपशिष्ट जल निकासी, स्नान और रसोई की सुविधा, LPG/PNG कनेक्शन और खाना पकाने का ईंधन शामिल होगा। साथ ही संपत्ति और डिजिटल उपकरणों जैसे रेडियो, टीवी, कंप्यूटर, मोबाइल, साइकिल, स्कूटर, कार आदि के स्वामित्व की जानकारी भी ली जाएगी।
Census 2027: ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा
नागरिकों को ऑनलाइन स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा दी गई है। गृह गणना शुरू होने से 15 दिन पहले 16 भाषाओं में आधिकारिक पोर्टल पर स्व-गणना की जा सकेगी। परिवार का मुखिया या कोई सदस्य मोबाइल नंबर से रजिस्टर करके घर का स्थान मानचित्र पर चिह्नित करेगा। इसके बाद 16 अंकों की यूनिक स्व-गणना आईडी जनरेट होगी, जिसे फील्ड विजिट के समय दिखाना अनिवार्य होगा।
Census 2027: डेटा की पूरी गोपनीयता
रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया ने स्पष्ट किया है कि व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। इसे किसी अदालत में सबूत के रूप में या सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। केवल कुल आंकड़ों के लिए ही डेटा का उपयोग होगा।
Census 2027: दो चरणों में पूरी होगी जनगणना
जनगणना-2027 दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में मकान सूचीकरण और आवास गणना होगी, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या गणना के साथ जाति गणना भी शामिल की गई है। अंतिम रिपोर्ट 2027 में जारी होने की उम्मीद है। 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल में, 15 राज्यों में मई में और शेष 10 राज्यों में जून या उसके बाद पहले चरण की शुरुआत होगी। यह डिजिटल जनगणना देश की सही जनसांख्यिकी, बुनियादी सुविधाओं और विकास योजनाओं को बेहतर ढंग से बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

