यूका के जहरीले कचरे से मुक्ति की तैयारी, हटाने की प्रक्रिया शुरू, ग्रीन कॉरिडोर बनाकर भेजेंगे पीथमपुर, 153 दिन में जलेगा
- Rohit banchhor
- 29 Dec, 2024
270 किलोग्राम प्रति घंटे की स्पीड से नष्ट करते हैं तो इसे खत्म करने में 51 दिन का समय लगेगा।
MP News : भोपाल। राजधानी स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का कचरा हटाने की प्रक्रिया रविवार से शुरू हो गई है। आज आधा दर्जन कंटेनर व जेसीबी मशीनों को पुलिस की सुरक्षा में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के अंदर भेजा गया है। यहां से 337 टन जहरीला कचरा निकाल कर फिर उसे पीथमपुर में जलाया जाना है। रविवार सुबह विशेषज्ञों की मौजूदगी में कंटेनर फैक्ट्री के अंदर भेजे गए हैं। कंटेनर में भरने की प्रोसेस शुरू है। 3 जनवरी से पहले कंटेनर पीथमपुर पहुंचाया जाएगा। गैस त्रासदी के 40 साल बाद रामकी के विशेषज्ञों की निगरानी में यह कचरा पैक कर 12 ट्रकों के जरिए 250 किमी का ग्रीन कॉरिडोर बनाकर पीथमपुर ले जाकर इसे रामकी एनवायरो में जलाया जाएगा। दूसरी और पीथमपुर में कचरा जलाएं जाने को लेकर विरोध बरकरार है। पीथमपुर के स्थानीय लोगो का आरोप है कि वह पीथमपुर को भोपाल नहीं बनने देंगे। भारी विरोध के बीच भी प्रबंधन कचरे को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर पीथमपुर भेजने की तैयारी में तेजी से जुटा हुआ है।

MP News : कारखाने के गोदाम में रखा है 337 टन जहरीला कचरा-
भोपाल गैस त्रासदी के कलंक को 40 साल बाद अब साफ करने की तैयारी लगभग पूरी हो गई है। यूनियन कार्बाइड कारखाना के गोदाम में रखा 337 टन जहरीला कचरा हटाया जाना है। इसको लेकर पुलिस, प्रशासन और अलग-अलग विभागों की टीम यूका परिसर में पहुंचे। यहां पर अफसरों ने सिक्युरिटी प्रॉटोकॉल का जायजा लिया। ये तय किया गया कि यहां पर जितने भी अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है, उनको बिना आधार कार्ड दिखाए एंट्री नहीं दी जाएगी। यहां पर एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। यहीं से पूरे परिसर और उसके बाहरी हिस्से की मॉनीटरिंग की जाएगी। सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके बाद देर रात से परिसर में पुलिसकर्मियों की तैनाती समेत बाकी तैयारियां शुरू हो गईं।
MP News : रविवार तड़के तक 100 से ज्यादा पुलिस का बल तैनात कर दिया गया है। परिसर के आसपास बैरिकैडिंग की गई है। अलग-अलग एजेंसियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। हाईकोर्ट के निर्देश का सख्ती से पालन होगा, क्योंकि यहां से 12 ट्रकों के जरिए गोदाम में रखे 337 मीट्रिक टन जहरीले कचरे को पीथमपुर के रामकी एनवायरो में ले जाया जाएगा। इसके साथ ही पीथमपुर से विशेषज्ञ और डॉक्टर्स की टीम पहुंच गई है। वहीं पीसीबी व सीपीसीबी की टीम की मौजूदगी में वैज्ञानिक तरीके से हर चीज की मॉनीटरिंग करते हुए यह कचरा हटाया जा रहा है। इस कचरे को जिस ट्रक के जरिए भेजा जाएगा, उनमें टाइटेनियम के कंटेनर होंगे। हर कंटेनर का एक यूनिक नंबर होगा। ये ट्रक जिस रूट से निकलेगा उसकी सूचना जिला प्रशासन को दे दी जाएगी।

MP News : ट्रक की आवाजाही के समय ट्रैफिक को रोक दिया जाएगा। करीब 250 किमी का ग्रीन कॉरिडोर बनेगा। रामकी के विशेषज्ञों की निगरानी में कचरे की पैकिंग होगी। भोपाल और इंदौर के डिवीजनल कमिश्नर जहरीला कचरा यूका से निकालने से लेकर पीथमपुर तक पहुंचाने की निगरानी करेंगे। ये ट्रक करोंद मंडी होते हुए पीपुल्स मॉल, करोंद चौराहा, गांधी नगर, मुबारकपुर, सीहोर नाका होते हुए इंदौर जाएंगे। यह रूट इसलिए चुना है क्योंकि रात के समय इस रूट पर ट्रैफिक का दबाव कम रहता है।
MP News : रात में ही इनको भेजा जाएगा। अगस्त 2004 में, भोपाल निवासी आलोक प्रताप सिंह ने उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर कर मांग कि थी कि विषैले कचरे को हटाएं और पर्यावरण को बचाया जाए। पीथमपुर की रामकी एनवायरो में 90 किलोग्राम प्रति घंटे की स्पीड से कचरे को जलाने में 153 दिन यानी 5 माह 1 दिन लगेगा। 270 किलोग्राम प्रति घंटे की स्पीड से नष्ट करते हैं तो इसे खत्म करने में 51 दिन का समय लगेगा।

