Mukesh Ambani-Donald Trump: कतर में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मिले मुकेश अंबानी, जानिए क्या है मुलाकात की वजह
Mukesh Ambani-Donald Trump: नई दिल्ली : रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिटेल कारोबार में कतर निवेश प्राधिकरण (QIA) ने बड़ा निवेश किया है। कंपनी की ओर से हाल ही में नियामकीय फाइलिंग में बताया गया कि QIA ने रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) में 1 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए करीब 8,278 करोड़ रुपए (लगभग 1 अरब डॉलर) का निवेश किया है। इसके लिए रिलायंस ने QIA को 6.86 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं, जिससे QIA की कंपनी में हिस्सेदारी 0.99 प्रतिशत हो गई है।
Mukesh Ambani-Donald Trump: मुकेश अंबानी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की दोहा में मुलाकात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय मध्य पूर्व के दौरे पर हैं, जिसमें सऊदी अरब, कतर और यूएई शामिल हैं। सऊदी अरब ने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ अब तक का सबसे बड़ा 142 अरब डॉलर का रक्षा सौदा किया है, साथ ही अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी सेक्टर में 600 अरब डॉलर निवेश का वादा भी किया है। इस दौरे के दौरान दोहा में ट्रंप और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के बीच भी महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। रिलायंस और कतर के बीच कच्चे तेल के व्यापार के अलावा यह निवेश भारत-कतर के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा।
Mukesh Ambani-Donald Trump: रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड की बढ़ती वैल्यू
मुकेश अंबानी ने हाल ही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM में बताया था कि रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) ने पिछले दो सालों में अपनी वैल्यूएशन को दोगुना कर लिया है। वर्तमान में कंपनी का बाजार मूल्य लगभग 100 अरब डॉलर (7.5 लाख करोड़ रुपए) आंका जा रहा है। RRVL ने 2020 में वैश्विक निजी इक्विटी फंडों से 47,265 करोड़ रुपए (लगभग 6.4 अरब डॉलर) जुटाए थे, जिससे कंपनी का मूल्यांकन 4.2 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया था। इस दौर में सिल्वर लेक, केकेआर, मुबाडाला, अबू धाबी निवेश प्राधिकरण, जीआईसी, टीपीजी, जनरल अटलांटिक और सऊदी अरब के सार्वजनिक निवेश कोष ने इसमें निवेश किया था।
Mukesh Ambani-Donald Trump: रिलायंस रिटेल का विस्तार और अधिग्रहण
रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड भारत में अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के फ्रैंचाइजी अधिकार हासिल कर आक्रामक विस्तार कर रही है। कंपनी ने जर्मन खुदरा प्रमुख मेट्रो कैश एंड कैरी के भारत के कारोबार का अधिग्रहण भी किया है। साथ ही बुनियादी ढांचे में निवेश कर अपने वितरण नेटवर्क और सेवाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दे रही है।

