अतिक्रमण की चपेट में भोपाल का हमीदिया अस्पताल, रोज होते हैं विवाद, महिलाएं भी नहीं सुरक्षित
भोपाल। गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) और हमीदिया अस्पताल में चौतरफा अतिक्रमण फैला हुआ है। जिसके चलते रोजाना मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस समेत अन्य मरीज, परिजन और स्टाफ को जाम का सामना करना पड़ता है। दूसरी तरफ अस्पताल परिसर में भी कहीं धर्म तो कहीं रोजगार के नाम पर कब्जे बढ़ते जा रहे हैं। इनके आड़ में रात में बाहरी लोग कैंपस में आकर नशे करते हैं। गर्ल्स हॉस्टल के रास्ते पर अवैध एंबुलेंस खड़ी होती है। आए दिन महिला चिकित्सक व परिजनों द्वारा प्रबंधन से बाहरी लोगों द्वारा छेड़छाड़ की शिकायतें की जा रही हैं। जिससे परेशान हो कर प्रबंधन के बाद अब जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जुड़ा) ने भी परिसर को कब्जा मुक्त बनाने का बेड़ा उठाया है।
रोज रात में लगता है नशेड़ियों का जमावड़ा-
परिसर में करीब 10 ऐसे स्थान हैं जहां रात में नशेड़ियों का जमावड़ा लगता है। सुरक्षा गार्ड से लेकर स्टाफ के अनुसार इनमें ड्रग्स का सेवन करने वाले समूह भी शामिल हैं। हाल ही में पुराने अधीक्षक कार्यालय के पास बांस की बल्लियां और कपड़ा लगा कर अवैध कब्जा किया गया। इसे हटाने अस्पताल प्रबंधन की टीम पहुंची थी। जिसके बाद करीब 30 से 40 बाहरी लोगों ने कैंपस में सुरक्षा कर्मियों से साथ धक्का मुक्की की थी।
तीन गेट, तीनों के सामने जाम-
इन तीनों के सामने जाम की स्थिति बनी रहती है। इसकी मुय कारण इनके सामने खड़े होने वाले ई रिक्शा, बस, ऑटो और गुमठियां हैं। तीनों गेट के आसपास 80 से 90 ठेले और गुमटियां लगती हैँ। फतेहगढ़ गेट के सामने से पुराने कब्जे को तो हटा दिया गया लेकिन ठेले आज भी आकर खड़े हो जाते हैं। एंबुलेंस के लिए रिजर्व इमरजेंसी गेट के सामने ऑटो चालकों के अवैध स्टैंड बना लिया है।

