वन्य प्राणियों के अंगों की तस्करी करने वाला गिरोह एसटीएफ के हत्थे चढ़ा, 940 किलोग्राम गांजा बरामद
MP News : भोपाल। मध्यप्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की जबलपुर इकाई ने डिंडौरी के शहपुरा के जंगलों में जमीन के अंदर गहरे गड्ढे में दबाकर रखे गए 940 किलो ग्राम गांजा सहित देशी बक और अन्य हथियार बरामद किए हैं। यह गिरोह बाघ जैसे संरक्षित वन्यप्राणियों सहित अन्य जंगली जानवरों का शिकार कर उनकी खाल और अंगों की तस्करी भी करता है। तस्करी के साथ यह गिरोह अब मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त हो गया है। गिरोह का सरगना वकील साहब नाम का अधेड़ व्यक्ति है, जो वन्य प्राणियों की तस्करी में गिरफ्तार हो चुका है।
MP News : आरोपी मूलतः कटनी का रहने वाला है। एसटीएफ ने वकील साहब और उसके तीन नाबालिग साथियों को गिरफ्तार किया है। स्थानीय पुलिस की लापरवाही पर डिंडौरी एसपी वाहिनी सिंह ने शहपुरा थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। आशंका है कि तस्करों से पुलिस की मिलीभगत थी, जिसके चलते स्थानीय पुलिस इस गिरोह पर कार्रवाई नहीं कर रही थी।
MP News : दस दिन की तलाशी के बाद तस्कर दबोचे-
स्पेशल डीजी एसटीएफ पंकज श्रीवास्तव के अनुसार महाराष्ट्र के चंद्रपुर वन्य क्षेत्र में टाइगर की खाल के साथ पकड़े गए आरोपी से पूछताछ में वकील साहब नाम के तस्कर को लेकर इनपुट मिला था। इसके बाद एसटीएफ जबलपुर इकाई की पांच विशेष टीमें बनाकर कटनी, मंडला व डिंडौरी में सचिंग के लिए लगाया गया था। चंद्रपुर में पकड़ाए आरोपी ने बताया था कि उसके साथी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में जंगली जानवरों के अंगों की तस्करी के साथ गांजे की तस्करी में भी लगे हुए हैं।
MP News : खाने में बम मिलाकर करते थे शिकार-
पूछताछ में मुख्य आरोपी वकील साहब ने खुलासा किया है कि उसका गिरोह देशी बमों को जंगली जानवरों के खाने में मिलाकर देता था, जिससे जानवर खाना खाते ही बम का उसके मुंह में विस्फोट हो जाता था। इसके बाद गिरोह के सदस्य आसानी से जानवरों का शिकार करने के बाद उसकी खाल और अंगों को बेच देते थे। पुलिस से बचने के लिए मुख्य आरोपी जंगल में झोपड़ी बनाकर रहता था।
MP News : आधा दर्जन राज्यों में फैला है नेटवर्क-
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का नेटवर्क मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ सहित आधा दर्जन राज्यों में फैला हुआ है। आरोपियों के पास से 4 करोड़ रुपए का गैरकानूनी सामान मिला है। जांच में पता चला है कि तस्करों के खिलाफ मध्यप्रदेश में एसटीएफ व अन्य एजेंसियों द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई के बाद यह गिरोह महाराष्ट्र में तस्करी करने लगा था।

