समाज सेवा के लिए नहीं की शादी, अब गरीब बच्चो के लिए चलता फिरता स्कूटर स्कूल चला रहे बाइक मैकेनिक विजय अय्यर
भोपाल। शहर में शिक्षक दिवस को धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। शिष्य अपने गुरुओं को शीश झुका कर सम्मान कर रहे हैं। आपने गुरुओं द्वारा बच्चों के भविष्य को संवारने के तो कई कहानी और किस्से सुने होंगे लेकिन भोपाल में एक ऐसे भी शिक्षक हैं जो पेशे से बाइक मैकेनिक होने के बाद भी शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। एक ऐसे शिक्षक से मिलवाने जा रहा है जिन्होंने निर्धन और गरीब बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए भोपाल में स्कूटर स्कूल खोला हुआ है।
स्कूटर स्कूल हर दिन अलग अलग स्लैम और गरीब बस्तियों में पहुंचता है और बच्चों को शिक्षा देता है। भोपाल के 35 वर्षीय विजय अय्यर शहर की गरीब बस्तियों में स्कूटर स्कूल के माध्यम से बच्चों को शिक्षा ग्रहण करवा रहे हैं। वह लगातार बच्चों को पढ़ाई के लिए मोटिवेशनल संदेश देकर प्रेरित भी करते हैं वैसे तो अय्यर एक बाइक मैकेनिक है और उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। लेकिन शिक्षा और समाज सेवा का उनके अंदर ऐसा जज्बा है कि उन्होंने पूरा जीवन ही इस क्षेत्र में समर्पित कर दिया।
इस काम में व्यस्त रहने के चलते उन्होंने शादी भी नहीं की और वह नशा मुक्ति अभियान के साथ बच्चों को शिक्षा ग्रहण करवाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। बच्चों को शिक्षा देने का साथ-साथ अय्यर द्वारा उन्हें शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाती है। कोरोना काल के दौरान भी विजय पूरे भोपाल को सेनिटाइज कर सैनिटाइजेशन मैन की उपाधि अपने नाम कर चुके हैं ।उन्होंने शहर की 400 कॉलोनी के 5 हजार से अधिक कोविड मरीजों के घरों का सैनिटाइजेशन किया था।
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