CG News : सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व में ढाई साल बाद बाघ की दहाड़, बैल का शिकार करते कैमरे में कैद
- Rohit banchhor
- 26 May, 2025
यह पहली बार है जब ढाई साल बाद इस अभ्यारण्य में बाघ की गतिविधि स्पष्ट रूप से दर्ज की गई है।
CG News : गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व में ढाई साल बाद एक बार फिर बाघ की मौजूदगी की पुष्टि ने वन विभाग और स्थानीय लोगों में उत्साह भर दिया है। रविवार रात अरसीकन्हार रेंज में लगे ट्रैप कैमरे में बाघ की तस्वीर कैद हुई, जिसमें वह बैल का शिकार करते नजर आया। इससे पहले शनिवार रात भी बाघ की मौजूदगी कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी। यह पहली बार है जब ढाई साल बाद इस अभ्यारण्य में बाघ की गतिविधि स्पष्ट रूप से दर्ज की गई है।
सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व के डीएफओ वरुण जैन ने बताया कि आठ दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद बाघ की उपस्थिति की पुष्टि हुई है। बाघ की तस्वीरों को देहरादून स्थित वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भेजा जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह बाघ किस राज्य से आया है। इससे पहले अक्टूबर 2022 में इस क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी कैमरे में कैद हुई थी और दिसंबर 2022 में इसका मल सैंपल मिला था।
अनुकूल वातावरण ने लौटाई बाघ की दहाड़-
1852 वर्ग किलोमीटर में फैले इस टाइगर रिजर्व में वन विभाग ने वन्यजीवों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पिछले डेढ़ साल में बफर जोन में 700 हेक्टेयर जंगल से 250 अतिक्रमणकारियों को हटाया गया है। इसके अलावा, ओडिशा के नुआपड़ा और नवरंगपुर जिलों से सक्रिय शिकारी गिरोहों के खिलाफ एंटी-पोचिंग टीम ने कई ऑपरेशन चलाए। गर्मी के मौसम में कोर जोन के आठ बड़े तालाबों को सोलर पंपों से पानी से भर दिया गया और बाघ कॉरिडोर में 1000 से ज्यादा झिरिया बनाए गए। इन प्रयासों से जंगल में पानी और शिकार की उपलब्धता बढ़ी, जिससे बाघ समेत अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी बढ़ रही है।
ग्रामीणों में सतर्कता, वन विभाग की निगरानी बढ़ी-
बाघ की मौजूदगी की खबर के बाद आसपास के गांवों में मुनादी कराई गई है, और ग्रामीणों को अकेले जंगल में न जाने की सलाह दी गई है। पेट्रोलिंग और कैमरा ट्रैपिंग को और सघन कर दिया गया है। वन विभाग का मानना है कि बाघ की वापसी न केवल अभ्यारण्य की जैव विविधता के लिए शुभ संकेत है, बल्कि यह वन संरक्षण के प्रयासों की सफलता को भी दर्शाता है।

