अतिथि शिक्षकों को नए साल का तोहफ़ा,शिक्षक भर्ती में मिलेगा 50 फीसदी आरक्षण
MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग की भर्ती में अब अतिथि शिक्षकों को पचास फीसदी आरक्षण प्रदान किया जाएगा। इसको लेकर राज्य सरकार ने राजपत्र में अधिसूचना का प्रकाशन कर दिया है। इसे अतिथि शिक्षकों को नए साल के तोहफा माना जा रहा है। मध्य प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक नियमितीकरण समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पिछले साल सितंबर में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षकों को नियमित भर्ती में पचास फीसदी आरक्षण दिए जाने की घोषणा की थी। सवा साल से मामला घोषणा में अटका हुआ था।
MP News :अब मध्य प्रदेश राजपत्र में संशोधन कर मध्यप्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्तें एवं भर्ती नियम- 2018 का प्रकाशन किया गया है। इसमें बताया गया है कि सीधी भर्ती के लिए शिक्षकों के रिक्त पदों के प्रत्येक प्रवर्ग के लिए कुल उपलब्ध पदों पर 50 प्रतिशत पद अतिथि शिक्षकों के लिए आरक्षित होंगे। यह लाभ उन्हें मिलेगा, जिन्होंने न्यूनतम तीन शैक्षणिक सत्रों और न्यूनतम 200 दिवस की सेवा पूरी की है। अतिथि शिक्षकों से आरक्षित पदों की पूति नहीं हो पाने की स्थिति में रिक्त पदों को अन्य पात्र अभ्यर्थियों द्वारा भरा जाएगा। न्यूनतम तीन शैक्षणिक सत्र तभी पूरे माने जाएंगे, जब प्रत्येक सत्र में न्यूनतम 30 दिन अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य किया हो। तीनों सत्रों का कुल अध्यापन अनुभव न्यूनतम 200 दिवस होगा।
MP News : जनजातीय कार्य विभाग में प्राचार्य बनने का रास्ता साफ-
जनजातीय कार्य विभाग के स्कूलों में उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग एक के लिए प्राचार्य बनने का रास्ता साफ कर दिया है। राजपत्र में इसका भी प्रकाशन किया गया है। राजपत्र के अनुसार वर्ग एक में 48323, माध्यमिक शिक्षक के 99157 पद हैं। इसमें पचास फीसदी पद भरे जाएंगे। प्राथमिक शिक्षक के एक लाख 31 हजार 152 पद बताए गए हैं। गौरतलब है कि अभी स्कूलों में रिक्त पदों के विरुद्ध करीब 72 हजार अतिथि शिक्षक कार्य कर रहे हैं।
MP News : अतिथि शिक्षक बोले-अभी मांग पूरी नहीं-
अतिथि शिक्षक संघ ने पचास फीसदी आरक्षण दिए जाने के फैसले को स्वागत योग्य कदम बताया है, लेकिन उनका कहना है कि अभी मांग पूरी नहीं हुई है। संघ के अध्यक्ष सुनील परिहार का कहना है कि अतिथि शिक्षक विभागीय परीक्षा के माध्यम से भर्ती की मांग कर रहे हैं। साथ में बोनस अंक भी दिए जाएं। मांगों को लेकर आंदोलन की रणनीति बनाई जा रही है। नए साल में जल्द इसकी शुरुआत होगी।

