कैलाशनाथ काटजू अस्पताल में नई व्यवस्था, जन्म के एक घंटे बाद शिशु को मां का दूध पिलाना अनिवार्य
भोपाल। राजधानी भोपाल के जवाहर चौक स्थित शासकीय कैलाशनाथ काटजू अस्पताल में जन्म के एक घंटे बाद हर शिशु को मां का दूध पिलाना अनिवार्य किया गया है। मां की हालत गंभीर क्यों न हो, लेकिन शिशु को स्तनपान कराया जाएगा। चिकित्सकों का कहना है कि इतने समय में बच्चे को मां का दूध मिलना अमृत के समान है। यह व्यवस्था पहले से थी, लेकिन प्रसव के बाद नवजात शिशु या जिन माताओं की हालत बिगड़ती थी, तब मां एवं बच्चे को अलग रख जाता था। इससे स्तनपान में गैप होता था। अब ऐसा नहीं होगा। शिशु वार्ड में बड़ी व्यवस्था की गई है। अतिरिक्त नर्सों को लगाया गया है।
अस्पताल में प्रतिदिन 90 से लेकर सौ महिलाएं प्रसव के लिए भर्ती होती हैं। कारण है कि जेपी अस्पताल का प्रसव वार्ड भी यहीं पर शिफ्ट किया गया है। अभी तक स्थिति यह रहती थी कि माता यदि बीमार है तो इन्फेक्शन के डर से बच्चे को दूर रखा जाता था। कई माताएं ऐसी हैं, जिन्होंने बच्चे को जन्म तो दे दिया है, लेकिन उनको दूध नहीं आ रहा है। इसके लिए भी व्यवस्था की गई है। अस्पताल में हाल ही में मिल्क बैंक स्थापित किया गया है। दूसरा विकल्प यह भी है कि दूसरी माताओं से दूध कलेक्ट किया जाएगा।अस्पताल में अब हर रोज 60 से लेकर 70 महिलाओं के प्रसव हो रहे हैं। इसके लिए नर्सिंग का स्टॉफ बढ़ाया गया है। डाक्टरों कहना है कि प्रसव के बाद जिन महिलाओं की हालात ठीक है, वह तो मौखिक रूप से कहने पर ही जन्म के एक घंटा बाद दूध पिला रही हैं, लेकिन जिनका ऑपरेशन हुआ है, र्जा कमजोर हैं, हालत बिगड़ रही है।
इनके साथ नर्सों के सहयोग से एक घंटा बाद ही बच्चे को दूध पिलाया जा रहा है। काटजू अस्पताल में रिकार्ड 65 महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया है। इनमें 35 नार्मल डिलेवरी हुई है। करीब तीन दर्जन महिलाओं ने ऑपरेशन से प्रसव कराया। ऑपरेशन के बाद तीन माताओं की हालत बिगड़ी, जिन्हें एचडीयू (हाईडेंसिटी यूनिट) में रखा गया है। अस्पताल का कहना है कि शुक्रवार को 92 महिलाएं प्रसव के लिए भर्ती हुई थी। इनमें अभी 6 महिलाएं एएनसी (एनटीनेटल केयर यूनिट) में हैं। यानि अभी इन महिलाओं को प्रसव की प्रतीक्षा है। पीएनसी (पोस्ट नेटल केयर यूनिट) में भर्ती 35 महिलाओं की नार्मल डिलेवरी हुई है। 30 महिलाओं ने ऑपरेशन से बच्चों को जन्म दिया है। अस्पताल अधीक्षक कर्नल पीके सिंह ने बताया कि यह रोज की प्रक्रिया है।

