पुलिस कमिश्नर के नाम पर ठगी करने वाली गैंग को सिम मुहैया कराने वाले चार आरोपी गिरफ्तार
भोपाल। क्राइम ब्रांच ने पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र के नाम पर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर ठगी करने वाले गिरोह को फर्जी सिम उपलब्ध करवाने वाली गैंग के 4 सदस्यों को विदिशा के सिरोंज से पकड़ा है। आरोपियों से 36 फर्जी सिम कार्ड, 4 मोबाइल फोन, अन्य दस्तावेज मिले हैं। एडिशनल डीसीपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि भोपाल निवासी महेश कुमार ने बीते पांच नवंबर को शिकायत की थी कि पुलिस कमिश्नर की फोटो लगी फर्जी फेसबुक आईडी के मैसेंजर से मैसेज कर पुराना फर्नीचर बेचने की बात कही गई थी। ठगों नेक्यूआर कोड भी भेजा था, जिससे 45 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए।
जांच में वॉट्सऐप नंबर और फेसबुक आईडी के असली उपयोगकर्ता की जानकारी मिली। राजस्थान से दो आरोपियों सुनील प्रजापति और शकील को पकड़ा गया था। पूछताछ में दोनों ने फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध करवाने वाली गैंग का खुलासा किया। इसके आधार पर आरोपियों-आकाश नामदेव निवासी लटेरी, राहुल पंथी और विवेक रघुवंशी, सिरोंज तथासोनू सिंह कुर्मी निवासी गरेठा, विदिशा को पकड़ा गया। गैंग के सदस्य गांवों में घर-घर जाकर लोगों को फ्री में सिम देने का झांसा देकर दस्तावेज ले लेते थे। बाद में उनके दस्तावेज से एक बार में दो सिम कार्ड इश्यू करा लेते थे। एक सिम ग्राहक को और दूसरी खुद रख लेते थे। वही सिम ठगी करने वाले गिरोह को बेचकर मोटी रकम वसूलते थे।
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र की फोटो का इस्तेमाल कर हरिनारायण नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाने वाले गिरोह को भी चालू सिम बेची थी। यह गिरोह पुलिस कमिश्नर के फर्जी आइडी के माध्यम से अधिकारी का ट्रांसफर होने का बहाना बनाकर सस्ते दामों पर फर्नीचर बेचने की बात करते थे। झांसे में लेने के बाद आरोपी वॉट्सऐप के जरिए कीमती फर्नीचर के फोटो भेजते थे। साथ ही फर्नीचर का बिल बनवाने और ट्रांसपोर्ट से भेजने के नाम पर लोगों से फर्जी बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा कर धोखाधड़ी करते थे।

