Fact-Checking Units : बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: केंद्र सरकार का फैक्ट-चेकिंग यूनिट्स संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन, लगाई रोक
- Rohit banchhor
- 20 Sep, 2024
कोर्ट ने कहा कि आईटी नियमों में फर्जी, झूठी और भ्रामक शब्दों का स्पष्ट परिभाषा का अभाव है
Fact-Checking Units : मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा फैक्ट-चेकिंग यूनिट्स (FCUs) स्थापित करने के प्रयासों को खारिज कर दिया है। यह निर्णय स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा की याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। न्यायाधीश ए.एस. चंदुर्कर ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन नियम 2023, जो सरकार को फेक न्यूज की पहचान के लिए फैक्ट-चेक यूनिट स्थापित करने का अधिकार देता है, संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) का उल्लंघन करता है।
Fact-Checking Units : कोर्ट ने कहा कि आईटी नियमों में फर्जी, झूठी और भ्रामक शब्दों का स्पष्ट परिभाषा का अभाव है, जिससे ये नियम गलत साबित होते हैं। जनवरी में, बॉम्बे हाईकोर्ट की एक बेंच में दो न्यायाधीशों के बीच खंडित फैसला आया था, जिसमें एक न्यायाधीश ने इसे सेंसरशिप बताया, जबकि दूसरे ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिकूल असर नहीं मानते हुए समर्थन किया।
Fact-Checking Units : मार्च में, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की FCUs लागू करने की प्रक्रिया पर रोक लगाई थी, जब तक बॉम्बे हाईकोर्ट इस मामले पर अपना फैसला नहीं सुनाता।
Fact-Checking Units : कुणाल कामरा और अन्य याचिकाकर्ताओं ने सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए कहा था कि इससे स्वतंत्र अभिव्यक्ति पर अनुचित प्रतिबंध लगेंगे और सरकार को ऑनलाइन सच्चाई का निर्धारण करने वाली अंतिम संस्था बनने का अधिकार मिल जाएगा।

