डॉ आंबेडकर पर की गई टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस का अंबेडकर सम्मान मार्च, संघ-बीजेपी को कांग्रेस ने बताया दलित विरोधी
- Rohit banchhor
- 24 Dec, 2024
साथ ही सम्मान मार्च में शामिल हुए कांग्रेसी भी नीली पगड़ी पहनकर बाबा साहब पर की गई टिप्पणी का विरोध जाता रहे थे।
MP News : भोपाल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर पर की गई टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस ने समूचे मध्यप्रदेश में अंबेडकर सम्मान मार्च निकाला। भोपाल में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, विधायक आरिफ मसूद, आतिफ अकील समेत कई नेता इसमें शामिल हुए हैं। राजधानी में भोपाल में अंबेडकर सम्मान मार्च लिली टॉकीज चौराहे से शुरू होकर जिंसी चौराहा तक निकाला गया। इस दौरान पूरे मार्ग को नीले कलर के झंडे बैनर और बैलून से सजाया गया था। साथ ही सम्मान मार्च में शामिल हुए कांग्रेसी भी नीली पगड़ी पहनकर बाबा साहब पर की गई टिप्पणी का विरोध जाता रहे थे।

MP News : मार्च में शामिल पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि जिस तरह सदन के अंदर बाबासाहेब अंबेडकर को अपमानित करने का प्रयास किया गया है, भाजपा और आरएसएस का एजेंडा सामने आ गया है। इनका जो असली चेहरा है, वह अमित शाह के जरिए उजागर हुआ है। कांग्रेस पार्टी की मांग है कि शाह अपने पद से इस्तीफा दें और जनता से माफी मांगें। वही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा की बीजेपी कभी भी बाबा साहब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को नहीं मानती है। आरएसएस ने 50 सालों तक अपने कार्यालय में देश का झंडा नहीं फहराया इससे साबित होता है कि बीजेपी और आरएसएस दलित विरोधी पार्टी है।
MP News : अंबेडकर सम्मान यात्रा के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि अमित शाह ने जो कहा, वो उनकी सोच को प्रदर्शित करता है। भाजपा के लोग बार-बार बाबा साहब अंबेडकर के संविधान को समाप्त करने की बात मुखरता से कह चुके हैं। पटवारी ने कहा कि बीजेपी संविधान विरोधी, दलित विरोधी और अंबेडकर विरोधी है। बाबा साहब ने कहा था कि इस देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार हैं। जीने का, खाने का पहनने का, रहने का, अपने धर्म के आधारित पूजा और पद्धति से आराधना करने का अधिकार है। इस पर बीजेपी के लोग प्रश्नचिन्ह लगाते हैं। कांग्रेस पार्टी इसकी निंदा करती है। अमित शाह का तत्काल इस्तीफा लिया जाए और नरेंद्र मोदी देश से माफी मांगें।

