एमपी के 7900 मेधावी विद्यार्थियों को मिली स्कूटी, 12 बच्चो को सीएम ने चाबी सौंपी, बोले-अपने अंदर नैतिकता भी लाएं
भोपाल। राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आज हुए समारोह में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को स्कूटी की चाबी सौंपी। मुख्यमंत्री ने 12 मेधावी विद्यार्थियों के स्कूटी की चाबी भेंट कर उनसे चर्चा की। जबकि 7888 विद्यार्थियों को प्रतीकात्मक प्रमाण पत्र जारी किए गए। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह और जनजाति कार्य मंत्री विजय शाह भी मौजूद रहे। मेधावी विद्यार्थियों के स्कूटी वितरण कार्यक्रम में सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन बेहद खास है,जिन 12 बच्चो का मैंने सम्मान किया है उनसे मैंने पूछा की भविष्य मे क्या बनोगे.. तो सबने अलग अलग विभाग बताये। लेकिन किसी ने नहीं कहा की मै नेता बनुगा।
सीएम ने कहा कि भगवान राम ने जिस रावण से युद्ध किया वह भी बड़ा प्रतिभावान था,लेकिन प्रतिभा के साथ नैतिकता भी होनी चाहिए। असंभव को संभव कर दे वो विक्रमादित्य हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने स्कूली जीवन को लेकर कहा कि उन्होंने और स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासकीय स्कूलों से शिक्षा हासिल की है। सीएम ने कहा कि आज किसी भी छात्र ने नहीं कहा की में उद्योगपति बनुगा,लेकिन आप उद्योग पति बनेंगे तो दूसरो को रोजगार उपलब्ध करवाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- मेरिट से काम नहीं बनेगा, नैतिकता भी चाहिए। घर के अंदर कुछ भी चलता रहे लेकिन बाहर यह बात नहीं जानी चाहिए। हमारे संस्कार ऐसे होने चाहिए कि हम आपस के मनमुटाव को बाहर दिखने न दें। सीएम ने कहा कि प्रतिभाशाली बच्चे जीवन में बहुत कुछ कर सकते हैं लेकिन प्रतिभा के साथ संस्कार होना भी जरूरी है।
सिर्फ पढ़ा लिखा व्यक्ति ही सब कुछ नहीं होता है, गुणी होना भी जीवन में आवश्यक है। वही सीएम ने एक उदाहरण सुनते हुए कहा कि जब उन्होंने 1982 में चुनाव लड़ा था, उस समय उनके भैया ने कहा था कि चुनाव लड़ो तो इनाम में बुलेट दूंगा, उसके बाद में निरंतर चुनाव जीतता रहा और मुझे भैया नई बुलेट दिलाते रहे,सीएम ने कहा कि बुलेट मिलने की खुशी तो थी लेकिन पेट्रोल का खर्चा भी था। सीएम ने कहा कि आज के बच्चे ज्यादा भाग्यशाली हैं क्योंकि इनको इलेक्ट्रिक स्कूटी मिल रही है,इसको आप कितना भी चला सकते हैं इसमें पेट्रोल की झंझट नहीं है।

