UP News : अयोध्या के राजा और राम मंदिर ट्रस्ट न्यासी विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का निधन, सीएम योगी ने जताया शोक

UP News : अयोध्या। अयोध्या के राजा और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख न्यासी विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का शनिवार देर रात करीब 11:30 बजे निधन हो गया। 71 वर्षीय विमलेंद्र मिश्र, जिन्हें स्थानीय लोग ‘राजा साहब’ के नाम से जानते थे, का निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ। उनके निधन की खबर से अयोध्या में शोक की लहर दौड़ गई। उनका अंतिम संस्कार रविवार को शाम 4:00 बजे सरयू तट पर होगा।
UP News : राजसदन में अचानक बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात राजसदन में विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र की अचानक तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने जांच के बाद हृदयगति रुकने से उनके निधन की पुष्टि की। उनके निधन की खबर फैलते ही प्रशासनिक अधिकारी, करीबी लोग और प्रशंसक राजसदन पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
UP News : सीएम योगी ने जताया दुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विमलेंद्र मिश्र के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के माननीय सदस्य, राजसदन अयोध्या के मुखिया श्री विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र जी का निधन अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!”
UP News : राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका
विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले वरिष्ठ सदस्य थे और राम मंदिर आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जब ट्रस्ट का गठन हुआ, तब अयोध्या के कमिश्नर ने उन्हें राम जन्मभूमि परिसर का पहला रिसीवर नियुक्त किया था। इसके अलावा, वह श्री प्रताप धर्म सेतु ट्रस्ट के अध्यक्ष और अयोध्या रामायण मेला संरक्षक समिति के सदस्य भी थे।
UP News : राजनीति में भी आजमाया हाथ
विमलेंद्र मिश्र ने 2009 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद संसदीय सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें जीत हासिल नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली और सामाजिक व धार्मिक कार्यों में सक्रिय रहे।
UP News : परिवार और विरासत
विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र अयोध्या राजवंश के वारिस थे और राजा दर्शन सिंह की वंशावली से जुड़े थे। वह महाराजा इंटर कॉलेज और महाराजा पब्लिक स्कूल जैसे कई शैक्षणिक संस्थानों के संस्थापक न्यासी थे। उनके बेटे यतींद्र मोहन प्रताप मिश्र प्रख्यात कवि, लेखक और साहित्यकार हैं, जिन्हें लता मंगेशकर पर लिखी पुस्तक ‘लता सुर गाथा’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है। वह वर्तमान में प्रसार भारती के सलाहकार भी हैं। विमलेंद्र मिश्र की पत्नी का निधन पिछले वर्ष हो गया था।
UP News : अयोध्या में शोक की लहर
विमलेंद्र मिश्र के निधन से अयोध्या में शोक की लहर है। उनके योगदान को याद करते हुए लोग उन्हें एक सच्चे समाजसेवी और धार्मिक कार्यों के प्रति समर्पित व्यक्ति के रूप में श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उनके निधन से अयोध्या ने एक महत्वपूर्ण शख्सियत खो दी है, जिनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।